अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा)शहर के आरएसएस नगर स्थित पुष्प विहार कॉलोनी के चौक का नामकरण अब भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन द्वारा पुष्प विहार चौक का नाम बिरसा मुंडा चौक किए जाने के निर्णय पर कॉलोनीवासियों और आदिवासी समाज ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सर्वसम्मति से सहमति जताई है। बैठक में जानकारी दी गई कि 15 नवंबर के कार्यक्रम में प्रशासन के द्वारा नामकरण का औपचारिक उद्घाटन होगा। इस संबंध में 4 नवंबर 2026 को आयोजित सामाजिक बैठक में आगामी 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर नामकरण से जुड़े आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।

सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं पर हुई चर्चा

पुष्प विहार कॉलोनी में आयोजित इस बैठक में आदिवासी समाज के सामाजिक विकास और स्थानीय समस्याओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कॉलोनी के प्रवेश द्वार, सड़कों, नालियों और प्रकाश व्यवस्था की मरम्मत एवं सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही क्षेत्र में सामुदायिक भवन के निर्माण की मांग भी उठाई गई। उपस्थित लोगों का मानना था कि सामुदायिक भवन बनने से सामाजिक बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य सामूहिक गतिविधियों के आयोजन में सुविधा मिलेगी।

बिरसा मुंडा के नाम पर चौक का नामकरण, समाज ने जताई खुशी

बैठक का प्रमुख विषय पुष्प विहार चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रखे जाने का निर्णय रहा। नगर निगम प्रशासन के इस निर्णय का कॉलोनीवासियों और आदिवासी समाज के सदस्यों ने स्वागत किया।

बैठक में सर्वसम्मति से इस नामकरण पर सहमति व्यक्त की गई। साथ ही 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर प्रस्तावित आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए।

15 नवंबर को जयंती समारोह की तैयारी

उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाई जाती है। इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। आदिवासी समाज के लिए बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध प्रतिरोध का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

पुष्प विहार चौक का नाम उनके नाम पर रखे जाने को समाज ने इसी ऐतिहासिक विरासत और आदिवासी अस्मिता के सम्मान से जोड़कर देखा है।

इस बैठक में आदिवासी समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व स्थानीय लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से सेवक लाल मरावी, रामसाय, शील पितर कुजूर, मंजनू तिर्की, मोहित राम सिदार, निर्मल कुजूर, अविनाश मरकाम, शिवराम, बीआर भगत, शांति भगत, स्वर्ण लकड़ा, सुखमनी तिर्की, संजीत गोंड, नमन टोप्पो, प्रताप केरकेट्टा, मनोज कलवड़े, श्री सिदार, हेलेना एक्का, किरण कुमुदनी टोप्पो, सोसन एक्का, लिनुश तिर्की, लिली कुजूर और

बीएल नेताम सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। बैठक के अंत में संयोजक सेवक लाल मरावी ने सभी की सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।

नामकरण के साथ विकास कार्यों पर भी हो ध्यानपूर्वक

बिरसा मुंडा के नाम पर चौक का नामकरण आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, स्थानीय लोगों की अपेक्षाएं केवल नामकरण तक सीमित नहीं हैं। कॉलोनी की सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी जरूरतें भी पूरी होना आवश्यक है।

किसी महापुरुष के नाम पर सार्वजनिक स्थल का नामकरण तभी सार्थक होगा, जब उनके विचारों और संघर्षों से प्रेरणा लेकर समाज के सम्मान, अधिकार और विकास के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएं।