- पेंशनधारियों का सम्मान कर बैंक ने सिखाए डिजिटल सुरक्षा के अहम गुर; नॉमिनी अपडेट रखने और समस्याओं के मौके पर समाधान पर रहा जोर

धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा-बांकी मोंगरा)जीवन भर की मेहनत और सेवा के बाद मिलने वाली पेंशन बुजुर्गों की सबसे बड़ी पूंजी और सहारा होती है। इसी पूंजी को सुरक्षित रखने और डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की बांकी मोंगरा शाखा ने पेंशन हितग्राहियों के लिए एक विशेष जागरूकता व सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम के दौरान बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट संदेश दिया कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा बचाव है।

अनजान कॉल और संदिग्ध लिंक से रहें दूर

कार्यक्रम का संचालन करते हुए बैंक प्रबंधक मोहम्मद साबिर एवं प्रीति कश्यप ने पेंशनरों को ऑनलाइन ठगी से बचने के सीधे और व्यावहारिक उपाय समझाए। उन्होंने आगाह किया कि साइबर अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी बनकर या पेंशन बंद होने, केवाईसी अपडेट कराने व लॉटरी निकलने का झांसा देकर फोन करते हैं।

प्रबंधन ने साफ तौर पर कहा कि बैंक कभी भी किसी ग्राहक से फोन, एसएमएस या व्हाट्सएप पर ओटीपी (OTP), एटीएम पिन (PIN), सीवीवी (CVV) या नेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं मांगता।

साइबर सुरक्षा के 4 मूल मंत्र:

1. ओटीपी और पिन की गोपनीयता: बैंक खाता, यूपीआई या एटीएम से जुड़ा कोई भी पासवर्ड किसी भी व्यक्ति—चाहे वह खुद को बैंककर्मी ही क्यों न बताए—के साथ साझा न करें।

2. संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: मोबाइल पर आए किसी भी अनजान लिंक, ऐप डाउनलोड करने के संदेश या 'पेंशन अटकने' संबंधी फर्जी मैसेज पर क्लिक करने से बचें।

3. पर्सनल जानकारी साझा करने से परहेज: फोन पर अपने बैंक खाते, आधार संख्या या पैन कार्ड से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी को न दें।

4. अज्ञात डिवाइस या साइबर कैफे में सावधानी: बैंकिंग लेन-देन केवल अपने सुरक्षित निजी फोन से ही करें और सार्वजनिक कंप्यूटर पर बैंकिंग क्रेडेंशियल्स सेव न करें।

खाते में नॉमिनी का नाम अनिवार्य रूप से डलवाएं

सुरक्षा के साथ-साथ कानूनी और प्रशासनिक सुरक्षा पर चर्चा करते हुए एक ग्राहक ने खातों में 'नॉमिनी' (नामांकित व्यक्ति) दर्ज कराने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया गया कि खाते में नॉमिनी का नाम सही और अद्यतन रखना बेहद जरूरी है, जिससे भविष्य में परिवार के सदस्यों को अनावश्यक कानूनी व कागजी झंझटों से बचाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान पेंशनधारियों के पेंशन फॉर्म, लाइफ सर्टिफिकेट, केवाईसी और अन्य बैंकिंग संबंधी दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी गई।

आत्मीय माहौल में हुआ संवाद

आयोजन के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया और चाय-नाश्ते के साथ उनके साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया गया। शाखा प्रबंधन ने पेंशनरों को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार का संशय होने पर फोन पर किसी अनजान पर भरोसा करने के बजाय सीधे अपनी शाखा में आकर संपर्क करें।

यह आयोजन केवल एक औपचारिक बैठक न होकर आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों को डिजिटल रूप से सुरक्षित और जागरूक बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल बना।