अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा) पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितीश ठाकुर के निर्देशन में जिले में साइबर जागृति अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अभियान के तृतीय सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल जैसे साइबर अपराधों से बचाव को लेकर वरिष्ठ नागरिकों के साथ टाउनहॉल सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में ग्राम बाता में पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर क्राइम, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी, फर्जी APK लिंक तथा संदिग्ध वेबसाइट से होने वाले आर्थिक अपराधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

पुलिस टीम ने नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के बढ़ते मामलों के संबंध में समझाइश देते हुए बताया कि साइबर ठग पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराने और पैसे ऐंठने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे किसी भी कॉल पर घबराने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।

नागरिकों से अपील की गई कि OTP, UPI PIN, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। अनजान लिंक, संदिग्ध APK फाइल, फर्जी कॉल और वेबसाइट से भी सावधान रहें।

कोरबा पुलिस की अपील: साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की राशि को रोकने में मदद मिल सकती है। सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं और साइबर अपराध के प्रति सजग रहें।