कृष्णा पाण्डेय जिला ब्यूरो चीफ जीपीएम

(गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर बांसाझाल स्थित जर्जर पुल रविवार को अचानक दो हिस्सों में टूटकर ढह गया। हादसे के समय पुल से गुजर रही एक यात्री बस टूटे हुए हिस्से के बीच फंस गई। राहत की बात यह रही कि बस नदी में नहीं गिरी और चालक की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों एवं बस के सहचालक के अनुसार, बस जैसे ही पुल के मध्य भाग में पहुंची, अचानक तेज धमाके के साथ पुल का स्लैब धंस गया। देखते ही देखते पुल दो हिस्सों में बंट गया और बस का अगला हिस्सा टूटे हुए हिस्से के किनारे अटक गया। घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक ने संयम बनाए रखा और सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया।

पुल ढहने के कारण बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इस घटना से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक सहित मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ क्षेत्रों का सीधा सड़क संपर्क प्रभावित हो गया। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्री बसों और मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने पुल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया है। फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने तथा वैकल्पिक मार्गों से यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग का उपयोग न करें और निर्धारित डायवर्जन मार्गों का पालन करें। पुल ढहने की घटना ने क्षेत्र में पुराने और जर्जर पुलों की सुरक्षा तथा समय पर रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।