भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा

(कोरबा) शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला विजयनगर में प्रकृति शिक्षण गतिविधियों के तहत विद्यार्थियों ने सीखने का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। कक्षा सातवीं के छात्र-छात्राओं के एक समूह ने विद्यालय परिसर में लगे पेड़ों के नीचे प्रकृति का अवलोकन और खोजबीन की। इस दौरान उन्हें खाने योग्य एवं पौष्टिक स्थानीय मशरूम, जिन्हें क्षेत्र में छेरका, बोडो और पटरस पुटू के नाम से जाना जाता है, की कुछ मात्रा मिली। विद्यार्थियों ने इन मशरूमों को सावधानीपूर्वक एकत्र कर विद्यालय के प्रधान पाठक सर्वेश सोनी को भेंट किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों की पहचान, जैव विविधता तथा सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।

इसी क्रम में कक्षा छठवीं की छात्राओं ने भी अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने विद्यालय मैदान के आसपास बिखरे तिनकों और प्राकृतिक सामग्री को एकत्रित कर गरीबों की झोपड़ी का आकर्षक प्रतिरूप तैयार किया। छात्राओं की इस कलाकृति ने उनकी कल्पनाशीलता, स्थानीय परिवेश की समझ और रचनात्मक सोच को उजागर किया।

विद्यालय परिवार ने बताया कि प्रकृति शिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण, स्थानीय जैव विविधता और पारंपरिक जीवनशैली से जोड़ना है। ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में अवलोकन क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सृजनशीलता तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करती हैं।

प्रधान पाठक सर्वेश सोनी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय में आगे भी इस प्रकार की नवाचार आधारित गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि बच्चे अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से सीखने के साथ प्रकृति संरक्षण के प्रति भी जागरूक बन सकें।