आशीष कुमार साहू रिपोर्टर मस्तूरी बिलासपुर

(बिलासपुर) जिले के अमलडीहा, कुकुर्दी एवं उदयबंद क्षेत्र में निर्माणाधीन एनीकट को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, यह एनीकट लगभग 12 गांवों के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। यदि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का उपयोग हुआ, तो भविष्य में हजारों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है तथा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मामले में संबंधित सरपंच द्वारा जल संसाधन विभाग को शिकायत पत्र भी सौंपा गया है। विभागीय अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया है कि निर्माण कार्य एसडीओ की देखरेख में कराया जा रहा है तथा पूरे मामले की जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण में उपयोग किए गए सीमेंट की मात्रा का स्टॉक रजिस्टर से मिलान किया जाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त करने के साथ उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इसी एनीकट निर्माण कार्य में पहले भी शिवनाथ नदी से कथित रूप से अवैध रेत उपयोग किए जाने के आरोप सामने आए थे। अब सीमेंट संबंधी शिकायत के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।

ग्रामीणों एवं किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सार्वजनिक धन की सुरक्षा हो तथा किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।