15 फीट से अधिक गहरे गड्ढे का ग्रामीणों का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; संभावित हादसे को रोकने तत्काल कार्रवाई की मांग

चितरंजन कुमार प्रसाद रिपोर्टर कटघोरा कोरबा

(कोरबा-बांकीमोंगरा) कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भेजीनारा में एसईसीएल की भूमिगत खदान के पास जमीन धंसने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। घटनास्थल पर बने गहरे गड्ढे को लेकर आसपास के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि जमीन धंसने से बना गड्ढा 15 फीट से अधिक गहरा हो चुका है। इस घटना को लेकर लालपुर के ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है। लोगों ने संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और संबंधित प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

गहरे गड्ढे से हादसे की आशंका, खतरे में सुरक्षा

ग्रामीणों के अनुसार, भेजीनारा में भूमिगत खदान के समीप जमीन धंसने से गहरा गड्ढा बन गया है। आसपास झाड़ियां होने के कारण इसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है, जिससे अनजाने में किसी व्यक्ति या मवेशी के गड्ढे के पास पहुंचने पर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ऐसे में घटनास्थल का निरीक्षण कर खतरे का आकलन करना और तत्काल सुरक्षा उपाय करना जरूरी है।

भूमिगत खदान के आसपास जमीन धंसने की घटना ने क्षेत्र में खनन गतिविधियों से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की चिंता है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

लालपुर के ग्रामीणों में नाराजगी, प्रबंधन से कार्रवाई की मांग

घटना को लेकर लालपुर के ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। संबंधित प्रबंधन को मामले की गंभीरता समझते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और खतरे वाले क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए।

अब कार्रवाई का इंतजार

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जमीन धंसने की इस घटना पर एसईसीएल प्रबंधन कब गंभीरता दिखाएगा? क्या संभावित खतरे को दूर करने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएंगे, या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी? फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि घटनास्थल की जांच कराई जाए, गड्ढे के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।