कोरबा जिले में लगातार सक्रिय हो रहा संगठनात्मक नेतृत्व, सेनानियों को पूर्णकालिक भागीदारी का संदेश; कटघोरा और रामपुर खंड के लिए प्रभारियों की घोषणा

धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा-कटघोरा)कोरबा जिले में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने संगठन विस्तार की गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कटघोरा के मुरली मेट्रो हॉल में दोनों संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव शामिल हुए। बैठक में संगठन को जिला स्तर से आगे बढ़ाकर खंड, गुड़ी और बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर जोर दिया गया।

कटघोरा और रामपुर खंड के लिए नए प्रभारियों की घोषणा भी की गई

लगातार दौरे और बैठकों को चुनावी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा

कोरबा जिले में संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों का लगातार आगमन, स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें और नए सेनानियों को जोड़ने की कवायद राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन गतिविधियों को आगामी चुनाव से पहले संगठनात्मक आधार मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, बैठक में किसी चुनाव की औपचारिक घोषणा या चुनावी कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव की मौजूदगी में हुई इस बैठक में जिला, ब्लॉक और खंड स्तर के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में सेनानी एवं नए सदस्य शामिल हुए। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री सुरेंद्र राठौर भी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता जिला स्तर के संगठनात्मक नेतृत्व की उपस्थिति में हुई, जिसमें जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला अध्यक्ष सुरजीत सोनी शामिल रहे।

हर बूथ पर 30 से 40 सक्रिय पदाधिकारी तैनात करने का लक्ष्य

बैठक में संगठन के विस्तार को लेकर स्पष्ट लक्ष्य सामने रखा गया। केंद्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिया कि संगठन को केवल जिला मुख्यालय या ब्लॉक स्तर तक सीमित न रखते हुए गुड़ी और पार यानी बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाए। प्रत्येक पार पर दोनों संगठनों के 30 से 40 समर्पित पदाधिकारियों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक संपर्क बढ़ाना, कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और जनहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहना बताया गया।


अमित बघेल ने सेनानियों को संबोधित करते हुए राजनीति को पूर्णकालिक जिम्मेदारी बताते हुए पदाधिकारियों से शत-प्रतिशत भागीदारी निभाने का आह्वान किया। वहीं, डॉ. अजय यादव ने छत्तीसगढ़िया संस्कृति, अधिकारों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने तथा संघर्ष जारी रखने की बात कही।

महत्पूर्ण संदेश ‘हर सेनानी खुद को जिलाध्यक्ष समझकर कार्य करे

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने संगठन की मजबूती के लिए सामूहिक नेतृत्व और जमीनी सक्रियता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि संगठन किसी एक व्यक्ति के भरोसे आगे नहीं बढ़ सकता। प्रत्येक पदाधिकारी और सेनानी को स्वयं को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। किसी एक व्यक्ति को दायित्व सौंपने का अर्थ यह नहीं है कि संगठन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल उसी की है। संगठन की असली ताकत सैकड़ों सेनानियों के सामूहिक प्रयास और जमीनी संघर्ष में होती है।

कटघोरा और रामपुर खंड में संगठन विस्तार की जिम्मेदारी

बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। इसके तहत कटघोरा खंड बैठका प्रभारी के रूप में अभिषेक जायसवाल और योगेंद्र यादव को जिम्मेदारी दी गई, जबकि रामपुर खंड बैठका प्रभारी के रूप में प्रताप सिंह दिव्य की घोषणा की गई। इन नियुक्तियों के जरिए संबंधित क्षेत्रों में बैठकें आयोजित करने, नए सदस्यों को जोड़ने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।कोरबा की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बढ़ाने की कवायद

बैठक के संदेश और घोषित लक्ष्यों से स्पष्ट है कि दोनों संगठन अपने कार्यकर्ताओं को अधिक सक्रिय करने तथा स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक नेटवर्क का विस्तार करने पर ध्यान दे रहे हैं। लगातार हो रही बैठकों, नेतृत्व के दौरों, बूथ स्तर तक पदाधिकारियों की नियुक्ति के लक्ष्य और नई जिम्मेदारियों को आगामी चुनाव से पहले की संगठनात्मक तैयारी के संदर्भ में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इन प्रयासों का वास्तविक प्रभाव इस बात से आंका जाएगा कि संगठन कितनी तेजी से अपने घोषित लक्ष्य को जमीन पर लागू कर पाते हैं और जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रियता किस रूप में सामने आती है।


कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों और छत्तीसगढ़ियावाद के नारों के साथ हुआ।