• बलगी से बरबसपुर तक कई प्रमुख मार्ग बदहाल, बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुलों की स्थिति पर भी चिंता — औद्योगिक परिवहन वाले मार्गों के लिए बालको की वित्तीय सहभागिता की मांग

धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा) कोरबा नगर की लगातार बिगड़ती सड़क व्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर की जर्जर एवं दुर्घटनाजनक सड़कों के तत्काल पुनर्निर्माण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच तथा औद्योगिक परिवहन से प्रभावित मार्गों में बालको प्रबंधन की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक नगर एवं ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा में आज अनेक प्रमुख सड़कें गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण अत्यंत खराब स्थिति में हैं। बारिश के दौरान कई मार्गों पर आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है और आम नागरिकों के साथ स्कूली बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में आर.पी. नगर में एसईसीएल की परित्यक्त रेलवे लाइन के समीप हाल ही में बनी सी.सी. सड़क के पहली ही वर्षा ऋतु में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख करते हुए इसकी स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की गई है। वहीं सुभाष चौक–आर.पी. नगर मार्ग पर नाली निर्माण के बाद सड़क किनारे डाली गई मिट्टी का समतलीकरण नहीं किए जाने से उत्पन्न कीचड़ और फिसलन की समस्या को भी उठाया गया है।

कांग्रेस ने चेक पोस्ट–लालघाट–रिंग रोड, रिंग रोड–गायत्री मंदिर–बालको नगर बस स्टैंड, ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–झगरहा चौक, अगारखार चौक–बलगी, पुष्पलता कॉलोनी–लाटा–एनटीपीसी मुख्य मार्ग, साडा कॉलोनी, राताखार मुख्य मार्ग, घंटाघर चौक से हेलीपैड पहुँच मार्ग तथा सीतामणी - गौ माता चौक – बरबसपुर मार्ग की बदहाल स्थिति को तत्काल सुधारने की मांग की है।

ज्ञापन में विशेष रूप से कहा गया है कि लगातार बारिश के कारण अगारखार चौक से बलगी तक का लगभग 5 किलोमीटर मार्ग कई स्थानों पर तालाब में तब्दील हो गया है। इसी तरह साडा कॉलोनी की सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए पैदल चलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है। सीतामणी - गौ माता चौक से बरबसपुर मार्ग भी पूरी तरह जर्जर होने के कारण चारपहिया वाहनों तक के लिए जोखिमपूर्ण हो गया है।

बेलगिरी नाला एवं ढेंगुरनाला पुलों की जर्जर स्थिति पर भी चिंता जताते हुए दोनों पुलों का तकनीकी एवं संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की गई है, क्योंकि इन मार्गों से भारी औद्योगिक वाहनों का लगातार आवागमन होता है।

मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–ढेंगुरनाला पुल मार्ग पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन संचालित होते हैं। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के प्रयासों के बाद बजरंग चौक से रिसदा ढेंगुरनाला पुल तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए बालको प्रबंधन द्वारा ₹30 करोड़ की राशि जिला प्रशासन के पास जमा की गई है। ऐसे में इस औद्योगिक परिवहन से प्रभावित शेष मार्गों के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण में भी बालको की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम एवं संबंधित विभागों द्वारा इन सड़कों के सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला कांग्रेस एवं स्थानीय नागरिक जनहित में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, धरना एवं निगम कार्यालय का घेराव जैसे लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी कोरबा निगम के अधिकारियों की होगी।