CBI और पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग को डराया, 24 घंटे से अधिक समय तक बनाया दबाव

अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़ 

(जांजगीर-चांपा)मनीलॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 32 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में जांजगीर पुलिस ने पंजाब से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शरणप्रीत सिंह उर्फ सन्नी सिंह (27), निवासी ग्राम बल्लोवाल, थाना जोधा, जिला लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है।


पुलिस के अनुसार प्रार्थी तुषारकर देवांगन के मोबाइल पर पहले टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर कॉल किया गया। आरोपी ने मोबाइल नंबर का मनीलॉन्ड्रिंग के मामले में इस्तेमाल होने और कोलाबा पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही। इसके बाद कथित तौर पर CBI अधिकारी बनकर कॉल कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने का भय दिखाया गया। कई अलग-अलग नंबरों से पुलिस, CBI और टेलीकॉम अधिकारी बनकर कॉल किए गए। डर का फायदा उठाकर पुलिस से सेटिंग कराने के नाम पर 32 लाख रुपये की ठगी की गई।


मोबाइल नंबर बंद होने के बाद पीड़ित ने परिजनों को जानकारी दी, तब ठगी का पता चला। मामले में अपराध क्रमांक 649/2025, धारा 318(4), 3(5) BNS एवं 66D IT एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया।


जांच में रकम इक्विटास बैंक के खाते में जाना पाया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम पंजाब पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी के खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल हैंडसेट जब्त किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे न्यायालय में पेश किया गया।


पुलिस ने बताया कि पिछले दो माह में साइबर ठगी से जुड़े 17 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई प्रक्रिया नहीं है। मनीलॉन्ड्रिंग, ड्रग्स या किसी अन्य मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगने वालों के झांसे में न आएं।