धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा-कुसमुंडा) कुसमुंडा क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बार फिर भीषण ट्रैफिक जाम ने स्कूली बच्चों की परीक्षा पर संकट खड़ा कर दिया। टेस्ट देने के उत्साह के साथ घर से निकले बच्चे मुख्य सड़क पर पहुंचते ही लंबे जाम में फंस गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ बच्चों ने चार्ट पेपर पर "मुझे स्कूल जाना है" लिखकर अपनी बेबसी और प्रशासन से गुहार व्यक्त की।

स्कूल वैन और ऑटो में बैठे बच्चे बेचैनी से बाहर झांकते रहे और बार-बार ड्राइवर से पूछते रहे कि वे स्कूल आखिर कब पहुंचेंगे। परीक्षा को लेकर उत्साहित बच्चों का जोश जाम में घंटों फंसने के कारण मायूसी में बदल गया। स्कूल वाहनों की बड़ी संख्या और अव्यवस्थित यातायात के कारण सड़क पर लंबी वाहनों की कतार लग गई।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जाम खुलवाने के लिए न तो एसईसीएल और न ही कुसमुंडा पुलिस की ओर से समय रहते कोई प्रभावी पहल दिखाई दी। बाद में कुछ जागरूक नागरिकों ने स्वयं आगे बढ़कर यातायात को व्यवस्थित कराया, जिसके बाद धीरे-धीरे जाम खुला और स्कूली बच्चे स्कूल पहुंच सके।


स्थानीय लोगों का कहना है कि कुसमुंडा क्षेत्र में ट्रैफिक अब रोजमर्रा की गंभीर समस्या बन चुकी है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को उठानी पड़ रही है। नागरिकों ने पुलिस विभाग एवं एस ई सी एल प्रशासन से मांग की है कि स्कूल समय के दौरान विशेष यातायात व्यवस्था लागू कर बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाने के लिए ठोस और स्थायी पहल करें ।