भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा

(कोरबा-बिलासपुर)सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट गणपत शर्मा ने दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) से जुड़े विस्थापित भूस्वामियों के रोजगार प्रकरणों में शिकायतों के निष्पक्ष निराकरण पर सवाल उठाते हुए कोयला मंत्रालय में पुनः शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि प्रत्येक शिकायत के साथ नए तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बावजूद उन्हें "डुप्लीकेट" बताकर बंद किया जा रहा है।

गणपत शर्मा ने बताया कि उन्होंने CPGRAMS पर शिकायत क्रमांक MCOAL/E/2026/0001753 के माध्यम से कोयला मंत्रालय को शिकायत भेजी है। उनका कहना है कि पूर्व में प्रस्तुत नवीन साक्ष्यों और दस्तावेजों पर समुचित विचार किए बिना शिकायतों का निराकरण कर दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पीड़ित भूस्वामी के आवेदन, जनप्रतिनिधि के पत्र तथा अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद उनकी स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई। साथ ही SECL मुख्यालय बिलासपुर में शिकायतों के निराकरण के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।

शर्मा ने कोयला मंत्रालय से सभी नए साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच, शिकायत को "डुप्लीकेट" बताकर बंद किए जाने के निर्णय की समीक्षा तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही या नियमों के विपरीत कार्यवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही विस्थापित भूस्वामियों के रोजगार प्रकरणों का विधिसम्मत एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।