चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) शरद पूर्णिमा के पावन तिथि एवं विश्व सतनामी दिवस 20 अक्टूबर के परिपेक्ष्य में 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के किरंदुल में आयोजित होने वाले विश्व सतनामी दिवस में शामिल होने के गंतव्य के दौरान अखिल भारतीय सतनामी समाज के केंद्रीय पदाधिकारियों ने चिराईपदर कोंडागांव का अवलोकन किया यहां बाबा गुरु घासीदास जी ने प्रथम रावटी लगाये थे विविदत हो कि अंग्रेजो के शासन काल में देवताडा के दंतेश्वरी मंदिर में नर बलि एवं पशु बलि की प्रथा जारी पर कायम थी इसके विरोध में जीव हत्या को रोकने ,हर जीव एक समान का संदेश देते हुये बाबा गुरु घासीदास जी ने चिडाईपदर गांव पहुंचकर प्रथम रावटी लगाया , समिपस्थ देवताडा मंदिर पहुंच कर बाबा गुरु घासीदास जी ने मानव समाज को दिव्य ज्ञान देते हुये हर जीव एक समान का उपदेश देते हुये बलि प्रथा को रोकने का संदेश दिये।

चिडाइपदर गांव के जैतखाम में पहुंच कर राजमहंतों ने मत्था टेके एवं बुजुर्गों से प्रथम रावटी के उद्देश्य को समझने का प्रयास किये । मौके पर वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय सतनामी महा सभा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी से राजमहतगण महा सचिव पी एल कोसरिया, उपाध्यक्ष सुन्दरसाय बंजारे, राजेश्वर भार्गव,सीआर टंडन, जे पी कोसले ,पी के घृतलहरे, राजनारायण निराला , रामचंद्र पाटले,शातिलाल खरे, गच्छराम बघेल,अजय भारद्वाज, हरगोविंद महेश्वरी, धरमदास खांडे,स्थायी निवासी रामदयाल नाग घृतलहरे, राजकुमारी चंद्रेश बांधे, के एल टंडन एवं लखुराम टंडन, धनसराज टंडन कोंडागांव मे शामिल रहे। उपरोक्त जानकारी राष्ट्रीय सचिव राज महंत जे पी कोसले द्वारा दिया गया।