रीवा से पहुंचते हैं पंडित देवनारायण शास्त्री, सोन कुंड के पावन प्रांगण में भक्तिमय माहौल के बीच मनाया जाता है दुर्गा उत्सव

कृष्णा पाण्डेय जिला ब्यूरो चीफ जीपीएम

(गौरेला-पेंड्रा-मरवाही)जिले के बसंतपुर में सोमेश्वर दुर्गा उत्सव समिति द्वारा पिछले 22 वर्षों से लगातार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना श्रद्धा और भक्ति के साथ की जा रही है। आधुनिक साज-सज्जा और पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के अनूठे संगम के बीच आयोजित इस उत्सव में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

पूरे क्षेत्र में यह आयोजन आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है।

इस दुर्गा उत्सव की विशेष पहचान पंडित देवनारायण शास्त्री हैं, जो रीवा से बसंतपुर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराते हैं। भागवत आचार्य होने के बावजूद वे क्षेत्रवासियों की श्रद्धा और प्रेम के कारण प्रतिवर्ष यहां आते हैं। उनकी विशिष्ट पूजा पद्धति श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।

समिति द्वारा मनोकामना पूर्ति की कामना से दीप एवं कलश प्रज्वलित कराए जाते हैं। साथ ही कन्या भोज का आयोजन कर श्रद्धालु आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। महानवमी के अवसर पर लगभग सात घंटे तक भंडारा चलता है, जिसमें बसंतपुर और आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। मुख्य मार्ग के किनारे स्थित होने के कारण यहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या जुटती है।

आयोजन में जमुना साहू, गंगा साहू, प्रदीप पैकरा, गंगा पैकरा, अमन साहू, अंकुश साहू सहित ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। पवित्र सोन कुंड के प्रांगण में आयोजित यह उत्सव क्षेत्र की धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा देता है। 22 वर्ष पूरे होने पर श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।