सुनील कुर्रे स्टेट हेड छत्तीसगढ़

(कोरबा)छत्तीसगढ़ के समस्त शिक्षक संगठन ने आज रायपुर में बैठक करते हुए टेट के विरोध में अपनी आवाज़ बुलंद कि और सबसे बड़ी बात सभी संगठन एक राय होकर इसके खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूँक दिया है।

 टेट एक अहम मुद्दा है जिसमें कई शिक्षक जो है सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें टेट एग्जाम देना पड़ेगा ताकि वह अपनी नौकरी बचा सके और साथ में प्रमोशन के लिए भी उन्हें टेट का एग्जाम क्वालिफाइड करना पड़ेगा इसकी वजह से कई शिक्षक साथी जो है टीईटी के नियम के आने से पहले नियुक्ति पाए हैं और वह उसे समय की जो नियुक्ति का जो पात्रता था उसे उसे क्वालिफाइड करके आया है उसके बावजूद अगर उन्हें डेट लिखना पड़ता है तो जिससे शिक्षक साथी काफी ज्यादा नाराज हैं और वह चाहते हैं कि सरकार इसके मुद्दे पर कोई ठोस हल निकाले।

आज की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें समस्त संगठन एक राय होकर अपनी भागीदारी दिखाया।

1)टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रस्तावित राष्ट्रीय आंदोलन को लेकर राज्य स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में विभिन्न सामाजिक एवं शिक्षक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की रणनीति और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

2)बैठक में निर्णय लिया गया कि 4 अप्रैल 2025 को दिल्ली में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में राज्य के विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। दिल्ली में रामलीला मैदान में छत्तीसगढ़ से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने कि बात कहीं। 

3) आंदोलन को सफल बनाने के लिए राज्य से करीब 5000 शिक्षकों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी संगठनों को अपने स्तर पर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।


4)इसके अलावा टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने प्रस्ताव रखा गया कि राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन के बाद राज्य स्तर पर भी टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आगे की रणनीति तैयार की जाएगी और आवश्यकतानुसार आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने भविष्य के लिए यह भी कहा कि सभी संगठन जो आज इस बैठक में शामिल है वह सभी संगठन आगे चलकर छत्तीसगढ़ TFI के नाम से कार्य करे इसका प्रस्ताव रखा और हमारे जो भी अहम मुद्दे जो बचे हुए हैं जैसे वेतन विसंगति कर्मोन्नति सेवा गणना और अन्य जो भी मुद्दे हैं उसको एक साथ मिलकर के एक ही मंच के तहत सरकार तक अपनी बात पहुंचा कर हल करने की पूरी पूरी कोशिश करेंगे लेकिन अभी प्रथम प्राथमिकता हमारी टेट है क्योंकि इसमें कई शिक्षकों की नौकरी जाने का चांसेस है,अगर वह टेट पास नहीं करते हैं तो कई शिक्षकों की नौकरी जा सकती है इसलिए हमें इस नेशनल मुद्दा बना करके इसे हम अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं कि सरकार इसके पक्ष में ठोस फैसला ले और जिस राज्य में जिस समय से लागू हुआ है उसी समय से इसे लागू करें।


5)बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 22 मार्च को राज्य के सभी जिलों में संगठनों की समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे आंदोलन की तैयारियों को मजबूत किया जा सके।


6)साथ ही 25 मार्च, मंगलवार को सभी प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसमें आंदोलन से जुड़े मुद्दों और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।




सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के प्रान्तध्यक्ष रविन्द्र राठौर संयोजक मनीष मिश्रा कार्यकारी अध्यक्ष द्वय बसंत कौशिक कौशल अवस्थी महासचिव आदित्य गौरव कोषाध्यक्ष शेषनाथ पाण्डेय प्रवक्ता राजू टंडन रंजीत बनर्जी चेतन परिहार अर्जुन कुमार झाडे 


संयुक्त शिक्षक संघ के अध्यक्ष केदार जैन महिला प्रान्तध्यक्ष ममता खालसा विकास रायकार देवती पैंकरा मनोज कुमार उषा लहरे 


सर्व शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय प्रवक्ता मोहम्मद यासीर इरफ़ान रायपुर जिलाध्यक्ष महेन्द्र चंद्राकर बिलासपुर जिलाध्यक्ष आभाष श्रीवास कोरबा जिलाध्यक्ष कीर्ति लहरे धमतरी जिलाध्यक्ष अजय पाण्डेय बेमतरा उपाध्यक्ष पूरणेन्द्र तिवारी और ललित यादव छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जाकेश साहू वाणिज्य व्याख्याता विकास संघ के अध्यक्ष विष्णु साहू छत्तीसगढ़ हेडमास्टर फ़ेडरेशन के अध्यक्ष कमल सिंह बिसेन संकुल शैक्षिक समन्व्यक संघ के प्रान्तध्यक्ष विक्रम रॉय छत्तीसगढ़ शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी  और संकुल समन्यवक शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रान्तध्यक्ष रामचंद्र सूर्यवंशी इनके अलावा और भी कई साथी जो आज के बैठक में शामिल हुए उनका प्रमुख नाम दिनेश कुमार नायक, सुनील पांडेय, हरीश कुमार गोपाल दीपक सहोर, माली सिद्धेश्वरी, छतेंद्र कुमार साहू, लोमन विश्वकर्मा, नरेश कुमार बघेल, लोचन प्रसाद बांधे,,संतोष जटवार,हृदय राठौर देवेश कुमार साहू,रमेश देवांगन शिवपुजन सिंह धर्मदास पाटिल विकास सिंह, टी. सी.जायसवाल , मनोज कुमार, अरुणा बिसेन है।