आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर ग्राम एवं वार्ड स्तर तक हितग्राहियों और मातृशक्ति की सहभागिता, 17 सितम्बर को जलेगा “आशीर्वाद का दीया”

महिला एवं बाल विकास विभाग ने 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक की गतिविधियों की कार्ययोजना जारी की

राजकमल अग्रवाल जिला ब्यूरो चीफ सारंगढ़-बिलाईगढ़

(सारंगढ़-बिलाईगढ़)राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान को ग्राम स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभागवार तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक “आंगन का उत्सव” (आंगनबाड़ी सम्मान एवं मातृ संवाद) के माध्यम से बच्चों, माताओं, किशोरियों, पालकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ अवसर पर 17 सितम्बर की संध्या “आशीर्वाद का दीया” प्रज्वलित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों एवं वार्डों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों से भी इस पहल में सहभागी बनने का विशेष आग्रह किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तिमूलक एवं समूह मूलक हितग्राहियों को भी “आशीर्वाद का दीया” प्रज्वलित करने के लिए ग्राम स्तर पर प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने और विकसित भारत @2047 के सामूहिक संकल्प से प्रत्येक परिवार को जोड़ना है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी कार्ययोजना के अनुसार 25 सितम्बर को “हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा रोपण” के माध्यम से पोषण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। 26 सितम्बर को आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई एवं आंगन सजाने, 27 सितम्बर को पालक सम्मेलन तथा 28 सितम्बर को न्योता भोज का आयोजन किया जाएगा। 29 सितम्बर को ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता एवं टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित होगा। 30 सितम्बर को आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं के साथ शिशुवती माताओं द्वारा शिशु पालन संबंधी अनुभव साझा किए जाएंगे।

इसी क्रम में 1 अक्टूबर को ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर बाल मेला एवं चित्रकला प्रतियोगिता, 2 अक्टूबर को किशोरी बालिकाओं के पोषण विषय पर मातृशक्ति एवं माताओं से संवाद तथा 3 अक्टूबर को “मोर अंगना मोर बाड़ी” के तहत पोषण वाटिका निर्माण किया जाएगा। 4 अक्टूबर को ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर पोषण जागरूकता कार्यक्रम एवं पौष्टिक आहार का प्रदर्शन, 5 अक्टूबर को ई.सी.सी.ई. दिवस, 6 अक्टूबर को 15 से 49 वर्ष की महिलाओं के लिए एनीमिया जांच शिविर तथा 7 अक्टूबर को सास-बहू सम्मेलन एवं अभियान के समापन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 8 अक्टूबर को परियोजना मुख्यालय स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के सम्मान के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को सहयोग देने वाले स्थानीय लोगों का सम्मान किया जाएगा।

अभियान के सुचारू संचालन एवं निगरानी के लिए जिला स्तर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। परियोजना स्तर पर संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों तथा सेक्टर स्तर पर पर्यवेक्षकों को दायित्व सौंपे गए हैं। अभियान की गतिविधियों की फोटोग्राफी एवं रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है। सभी कार्यक्रमों में सांसद, विधायक, पंच, सरपंच, जनपद एवं जिला पंचायत सदस्य तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ समन्वय कर संयुक्त रूप से आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।

जनभागीदारी से बनेगा सेवा संकल्प का व्यापक अभियान

सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित कार्यक्रमों का आयोजन करना नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति आभार, नागरिक सहभागिता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी भावना के अनुरूप महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को ग्राम स्तर पर जनसंपर्क और जनभागीदारी के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में सक्रिय किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मैदानी अमले के माध्यम से महतारी वंदन योजना सहित विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों और अन्य शासकीय योजनाओं से लाभान्वित परिवारों से 17 सितम्बर को “आशीर्वाद का दीया” प्रज्वलित करने का आग्रह किया जा रहा है।

जिला प्रशासन का प्रयास है कि सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो और शासन की योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव तथा जनसेवा के प्रति नागरिकों की कृतज्ञता को व्यापक रूप से सामने लाया जाए। “आंगन का उत्सव” के माध्यम से मातृशक्ति, बच्चों और परिवारों की सहभागिता से सेवा संकल्प अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।