जिला गौरेला, पेण्ड्रा, मरवाही में अवैध शिकार के दौरान हुई युवक की मृत्यु के मामले का सफलता पूर्वक खुलासा करते हुये 12 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है

कृष्णा पाण्डेय जिला ब्यूरो चीफ जीपीएम

(गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) दिनांक 28.06.2026 को ग्राम कोटवार दरमोहली हरिशचन्द्र पनिका से सूचना मिला की ग्राम दरमोहली खैरवाटोला निवासी देवशरण सिंह कुशराम के, छोटे बेटा सरवन सिंह का अचानक मृत्यु हो गया है, मुंह एवं नाक से खून निकला है, जिसका दाह संस्कार दिनांक 28.06.2026 को आनन फानन में सुबह 09.00 बजें गांव वालो एवं पुलिस को बिना सूचना दिये कर दिये है, मृतक सरवन सिंह की मृत्यु संदेहास्पद है, एवं परिजनों द्वारा मृत्यु के कारण को छुपाये जा रहा है, तब बिना समय गवांऐ प्राप्त सूचना को पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी (भा.पु.से) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा को तत्काल अवगत कराकर प्राप्त निर्देशानुसार पर्यवेक्षण अधिकारी गौरेला सत्यकला रामटेके के साथ थाना प्रभारी गौरेला निरीक्षक शनिप रात्रे हमराह स्टाफ एवं एफ.एस.एल. अधिकारी डाॅ. प्रशांत त्रिपाठी के साथ ग्राम दरमोहली मृतक के घर जाकर ग्राम कोटवार दरमोहली को तलब कर पूछताछ कर मृतक सरवन के पिता एवं परिजनो से पूछताछ करने पर बताये कि छोटे बेटा सरवन सिंह की मृत्यु दिनांक 27.06.2026 की रात्रि 10.00 बजें अत्यधिक पेट दर्द होने पर खून की उल्टी ट्टी के बाद मृत्यु हो गयी है, तब मृतक के शव को जिस कमरा पर रखे थे उक्त कमरे को बारीकी से एफ.एस.एल अधिकारी के साथ निरीक्षण करने पर कमरे पर दो जगह खून का धब्बा होना पाया गया, जिस आधार पर मृतक की मृत्यु संदेहास्पद होने के कारण मौके पर शून्य में मर्ग कायम कर जांच पंचनामा कार्यवाही किया गया, तत्पश्चात जिस जगह पर मृतक के शव को दाह संस्कार किये थे, उक्त स्थान को जाकर निरीक्षण किया गया, शव राख और हड्डी के छोटे टुकडे में तब्दील हो गया था। परिजन एवं उपस्थित पंचानो से बारीकी से पूछताछ कर कथन लिया गया, चूकि मृतक के शव को जला दिया गया था, लिहाजा पीएम न हो पाने के कारण को लेख करते हुये एक पंचनामा मौके पर तैयार किया गया, एवं घटना के संबंध में विस्तार से जानने हेतु मुखबीर लगाया गया था, तत्पश्चात थाना आकर नम्बरी मर्ग किया गया थाना गौरेला के मर्ग क्रमांक 68/2026 धारा 194 बीएनएसएस की मर्ग जांच दौरान घटना स्थल निरीक्षण ,पंचनामा कार्यवाही ,गवाहों के कथन एवं मृतक का बडा भाई पवन सिंह एवं पिता देवशरण का पृथक पृथक कथन लिया गया जो मृतक का बडा भाई पवन सिंह अपने कथन में बताया की कमलेश सिंह सलाम के साथ मृतक सरवन सिंह कुसराम दिनांक 27.06.26 के दिन शनिवार को दोपहर करीब 2.00 बजे गोठान के पास पहुंचा था तब मृतक के बडा भाई पवन सिंह कुसराम ,नहकुल के घर तरफ से रवई लकडी (बाड़ी रूधने का लकडी) लेकर आ रहा था, तब मृतक का बडा भाई पवन सिंह, मृतक सरवन से पूछा कि कहां जा रहे हो तब मृतक सरवन बोला कि कहीं भी जांउ, तुम्हे क्या मतलब है , बोलकर चला गया । फिर शाम करीब 4.00 बजे कमलेश सलाम और कैलाश ओट्टी मृतक के घर आये और कमलेश सलाम, मृतक के बडे भाई पवन सिंह को बोला चलो हमारे साथ, तब पवन सिंह बोला की कहां चलना है तब कमलेश और कैलाश बोले की चलो हमारे साथ वहीं जाकर बतायेंगें फिर मृतक का बडा भाई पवन सिंह, कमलेश सलाम और कैलाश ओट्टी तीनों मिलकर ग्राम दरमोहली के टंगिया महुआ मोहल्ला में रामायण के घर के उपर अक्ट्टा जंगल गये वहां पर पहले से उपस्थित रामायण कुसराम और लक्ष्मण यादव दोनो ग्राम दरमोहली और पडखुरी के कुछ लोग थे जिसमें सुरजन सिंह ,अर्जुन सिंह , भानू सिंह, बलराम सिंह , बैधा गोंड ,मुरारी गोंड ,अंधऊ गोंड एवं ग्राम पंडरीपानी थाना जैतहरी जिला अनुपपुर निवासी संतलाल ध्रुर्वे भी उपस्थित थे रामायण कुसराम एवं संतलाल ध्रुर्वे अपने अपने पास एक एक भरमार बंदूक रखे थे उक्त सभी लोग मिलकर मृतक के बडे भाई पवन सिंह से माफी मांगकर पैर पकडकर बोले किसी तरह से बचा लो, नही तो तुम्हें भी फंसा देंगे, तुम भी आ गये हो, तब पवन सिंह बोला क्या हो गया, मेरा भाई सरवन कहां है, तब कमलेश सलाम बताया की हम सब मिलकर जंगल में जानवर शिकार करने आये थे , सभी लोग मिलकर खेदा (जंगली जानवर को हकालने का काम ) कर रहे थे तब रामायण कुशराम के द्वारा अचानक गोली चला दिया जिससे सरवन के सीने में तीन गोली लगा,जिसके कारण मौके पर सरवन का मृत्यु हो गया है। सरवन को वहीं पर जंगल में जमीन पर चित हालत में लिटाये थे,गोली लगने के कारण सरवन का शरीर खून से लथपथ था नाक एंव मुंह से खून निकला था, तब मृतक के बडा भाई पवन सिंह के द्वारा उपस्थित सभी लोगों को गाली गलौच देकर जोर जोर से रोने लगा, तब उपरोक्त सभी लोग मिलकर धमकी देने लगे, और बोले की एक को तो गोली मार दिये है तुम्हें भी गोली मार देंगे, तब मृतक का बडा भाई पवन सिंह डर गया और चुपचाप वहीं पर अपने भाई मृतक सरवन के लाश के पास बैठ गया। फिर सभी उपरोक्त आरोपीगण मिलकर मृतक सरवन के पिता जी को बुलाने के लिये कैलाश और कमलेश को भेजे, शाम करीब 7.00 बजे कैलाश और कमलेश दोनो मिलकर मृतक सरवन के पिता देवशरण को बुलाने घर गये घर से लेकर वापस अक्ट्टा जंगल आये और सभी मिलकर हाथ जोडकर माफी मांगने लगे और बार बार पैरवी करने लगे कि उक्त घटना को किसी को न बताये एवं चुपके से शव को दाह संस्कार कर दें । तब मृतक के पिता देवशरण नही माना और पुलिस में रिपोर्ट करने की बात बोला तब सभी लोग देवशरण को धमकाने लगे, तब देवशरण बिना कुछ बोले शांत हो गया, उसके बाद सरवन के शव को जंगल से रात करीब 11.00 बजे कमलेश , कैलाश , लक्ष्मण और रामायण घर के कमरा में लाकर रखे और बीच रास्ता से पडखुरी और पंडरीपानी वाले चले गये । अगले दिन दिनांक 28.06.26 के सुबह 6.00 बजे मृतक सरवन के घर कमलेश ,रामायण ,कैलाश आये और लकडी इक्ट्ठा करने लगे करीब 8-8.30 बजे सरवन के शव को घर से कुछ खेत के भर्रा में ले जाकर सुबह करीब 9.00 बजे दाह संस्कार कर दिये बताया । रामायण के द्वारा जंगली जानवर का खेदा करते समय मृतक सरवन को सीने में गोली लगने से मृत्यु होने की बात को मृतक के बडे भाई पवन सिंह को भी गोली मारने की धमकी की डर से अपने घर पर नही बता पाया था जो आज दिनांक 17.07.26 को दोपहर में अपने माता पिता एवं ग्राम कोटवार को बताकर पुलिस में कथन दिया है तत्पश्चात मृतक के पिता देवशरण का पूरक कथन लिया गया जो अपने कथन में बताया कि उक्त आरोपी लोगों के द्वारा मुझे एवं मेरे परिवार के किसी सदस्य को गोली से मार देने की धमकी देने के कारण उक्त धमकी से डर कर अगले दिन जब पुलिस पंचनामा एवं जांच कार्यवाही कर रही थी तब मेरे एवं मेरी पत्नि के द्वारा मृतक सरवन की मृत्यु कुछ दिनों से पेट दर्द होने के कारण खून की उल्टी एवं ट्टी होने के कारण मृत्यु होना भयवश लेख करा दिया था आज दिनांक 17.07.26 को बडा बेटा पवन सिंह के द्वारा घटना के संबंध में उपरोक्त बात को बताने के कारण मुझे भी आज पता चला की रामायण एवं उपरोक्त लोगों के द्वारा जंगली जानवर का शिकार करते समय रामायण अपने पास रखे बंदूक से गोली चलाने के कारण छोटा बेटा सरवन को सीने में तीन गोली लगने से मृत्यु हुआ है मुझे भी शाम करीब 7.00 बजे लेने कमलेश एवं कैलाश घर आये थे तब उनके साथ मै भी टंगिया महुआ मोहल्ला में रामायण के घर के उपर अक्ट्टा जंगल में जाकर देखा की छोटा बेटा सरवन का लाश चित हालत में उक्त जंगल के जमीन पर पडा हुआ था गोली लगने से शरीर खून से लथपथ था तथा मुंह एवं नाक से खून निकला था तब उक्त सभी मिलकर हाथ जोडकर माफी मांगने लगे और बार बार पैरवी करने लगे कि उक्त घटना को किसी को न बताये एवं चुपके से शव को दाह संस्कार कर दें । पुलिस में रिपोर्ट करने की बात बोला तब सभी लोग मिलकर मुझे धमकाने लगे, तब मै भी डरकर बिना कुछ बोले शांत हो गया और कुछ नही पूछा। इस प्रकार उक्त आरोपीगण के द्वारा एक साथ मिलकर ग्राम दरमोहली टंगिया महुआ मोहल्ला के पास अक्ट्टा जंगल में जाकर जंगली जानवर का शिकार हेतु घेराबंदी करते वक्त रामायण कुसराम द्वारा अपने स्वयं के बंदूक से गोली चलाने के कारण सरवन की सीने में दाहिने तरफ तीन गोली लगने से तत्काल मौके पर मृत्यु हो गया था जिसके कारण सभी आरोपीगण मिलकर उक्त अपराध को छुपाने की दृष्टिकोण से मृतक के बडे भाई पवन सिंह एवं पिता देवशरण को मौके पर बुलाकर उक्त दोनो को भी अपराध एवं साक्ष्य को छुपाने हेतु हाथ पैर जोडकर मनाने लगे जब दोनों बाप बेटा ऐसा करने से मना किये तब उक्त दोनो को भी एवं परिवार के किसी भी सदस्य को भी गोली से मार देने की धमकी देकर डरा धमका कर अगले दिन सुबह 9.00 बजे ही साक्ष्य छुपाने के लिये मृतक सरवन का शव को दाह संस्कार कर दिये जिस कारण मृतक सरवन के शव का पीएम नही कराया जा सका । आरोपीगण रामायण कुसराम और लक्ष्मण यादव ,कमलेश सलाम , कैलाश ओट्टी सभी साकिनान दरमोहली थाना गौरेला , सुरजन सिंह ,अर्जुन सिंह , भानू सिंह, बलराम सिंह , बैधा गोंड ,मुरारी गोंड ,अंधऊ गोंड सभी साकिनान ग्राम पडखुरी थाना गौरेला एवं ग्राम पंडरीपानी थाना जैतहरी जिला अनुपपुर निवासी संतलाल धुर्वे के द्वारा मिलकर उपरोक्त अपराध धारा सदर का अपराध घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही मे लिया गया। दौरान विवेचना से गवाहो के कथन, पूछताछ व पुलिस की तत्परता से आरोपियों को पकडने में सफलता मिली है।

नाम आरोपीगण - 01 रामायण सिंह कुशराम पिता सुखराम उम्र 42 वर्ष साकिन दरमोहली खेरवाटोला थाना गौरेला,02 आरोपी संतलाल सिंह धुर्वे पिता छोटैलाल उम्र 39 वर्ष साकिन पंडरीपानी रौउनाटोला थाना जैतहरी जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश, 03 लक्ष्मण यादव पिता स्व. परसराम उम्र 42 वर्ष साकिन दरमोहली सडकटोला थाना गौरेला, 04 कमलेश कुमार सलाम पिता स्व. भवन सिंह उम्र 38 वर्ष साकिन दरमोहली खैरवाटोला, 05 कैलाश सिंह पिता अंगद सिंह उम्र 37 वर्ष साकिन टंगियामौहा दरमोहली, 06 अर्जुन सिंह पिता स्व. धरम सिंह उम्र 41 वर्ष साकिन पडखुरी बडवाशन टोला, 07 बलराम सिंह गोंड उर्फ कुमरिहा पिता ददूआ सिंह गोंड 50 वर्ष साकिन पडखुरी, 08 अवध राज उर्फ अधरू गोंड पिता हरदलाल गोड उम्र 50 वर्ष साकिन पडखुरी, 09 सुरजन सिंह धुर्वे पिता मंगल सिंह धुर्वे उम्र 38 वर्ष साकिन पडखुरी,

10 बैधा उर्फ बेदराम गोंड पिता पलटु सिंह उम्र 50 वर्ष साकिन पडखुरी, 11 भान सिंह उर्फ भानू पिता पलटू उम्र 44 वर्ष साकिन पडखुरी, 12 मुरारी गोंड पिता जवाहर गोंड उम्र 33 वर्ष साकिन पडखुरी थाना गौरेला

जप्त सामग्री: एक नग भरमार बंदूक,एक नग ऐयर बंदूक,तीन नग मोबाईल

महत्वपूर्ण भूमिका अधिकारी कर्मचारी : उप पुलिस अधीक्षक सत्यकला रामटेके, निरीक्षक शनिप रात्रे, उप निरीक्षक अजय वारें, पी.एस.आई आकाश बघेल, पी.एस.आई. नेहा रावटे, प्रधान आरक्षक 212 संतोष कुमार बंजारे, प्रधान आरक्षक 34 रामकृष्ण मिश्रा, आर. क्र. 174 जगत धुव, आर. 54 कौशलेन्द्र बघेल, सायबर सेल से प्र.आर. रवि त्रिपाठी, आर. सुरेन्द्र विश्वकर्मा, एवं हर्ष गहरवार, चैकी सिवनी से आर. इन्द्रपाल आर्मो, का महत्वपूर्ण भूमिका रहा ।