(कोरबा) छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने मुख्य सचिव,वित्त सचिव,शिक्षा सचिव,जी ए डी सचिव एवं संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ को ईमेल कर तथ्यात्मक पक्ष पुनः रखा है। तत्सम्बन्धी जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष कोरबा सर्वेश सोनी ने प्रांताध्यक्ष के हवाले से बताया कि
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रचलित क्रमोन्नति योजनाओं का वित्त विभाग के प्रचलित समयमान वेतनमान में समाहित करने के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग (नियम शाखा-3) का आदेश RULE/81/2026-GAD-3 नवा रायपुर दिनांक 09-06-2026 द्वारा 31.03.26 तक नियुक्त शासकीय सेवक को आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के अवधि में *क्रमोन्नत वेतनमान अथवा समयमान* जो भी लाभप्रद हो,किसी एक योजना के विकल्प का चयन करने का आदेश दिया है।
आदेश के पैरा-1 में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी शिक्षक संवर्ग एवं अन्य को द्वितीय क्रमोन्नति के संबंध में जारी परिपत्रों को 31.03.2026 के पश्चात समाप्त समझने का उल्लेख है! फिर विकल्प भरने का क्या औचित्य है ?
आदेश के पैरा-7 में उल्लेख है कि वित्त विभाग के समयमान वेतनमान के संबंध में जारी वित्त निर्देश दिनांक 28 अप्रैल 2008 के परिशिष्ट-1 के अनुरूप संलग्न परिशिष्ट-2 में समयमान वेतनमान के संबंध में "जिन पदों का समावेश नहीं है",उन विभागों के द्वारावित्त विभाग के समयमान वेतनमान योजना में शामिल करने हेतु प्रशासकीय विभागों से सुसंगत प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किये जाएं। उल्लेखनीय है कि परिशिष्ट-2 में सहायक शिक्षक पद नाम एवं वेतनमान का उल्लेख वित्त निर्देश 32/2010 दिनांक 4 अगस्त 2010 एवं वित्त निर्देश 05/2011 दिनांक 22 फरवरी 2011 में समावेश नहीं है।इससे स्पष्ट है कि सहायक शिक्षक पद पर प्रथम नियुक्त हुए शिक्षकों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान के स्वीकृति के लिए सुसंगत प्रस्ताव स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वित्त विभाग को प्रेषित करना शेष है। तो सहायक शिक्षक के लिए विकल्प भरने का औचित्य क्या है ?
क्या क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान का तुलनात्मक अध्ययन किये बिना विकल्प भरना सुसंगत है ?
सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान के स्वीकृति के लिए अनेकों बार तथ्यात्मक ज्ञापन छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन द्वारा दिया गया था। लेकिन शासन स्तर पर निराकरण नहीं हुआ है।
उल्लेखनीय है कि,परिशिष्ट-2 में अन्य शिक्षक संवर्ग के पदनाम एवं वेतनमान का उल्लेख है।अतः उनको क्रमोन्नत/समयमान वेतनमानों में तुलना कर लाभप्रद विकल्प लेना संभव है।
सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश क्रमांक एफ 10-1/2006/1-3/ दिनांक:06/11/25 के द्वारा सहायक शिक्षक (एल बी) को क्रमोन्नत वेतनमान *संविलयन तिथि* से 10 एवं 20 वर्ष पर प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नत वेतनमान मान्य किया गया है।
विकल्प पत्र के पैरा-2 में शासकीय सेवा में प्रथम नियुक्ति....... में पद एवं दिनांक का उल्लेख करना होगा। यदि संविलियन हुआ है तो इसका उल्लेख होना आवश्यक है। लेकिन विकल्प पत्र में इसके प्रविष्टि का स्थान नहीं है।
*यदि प्रथम नियुक्ति के पद से अपर पद में पदोन्नति हुआ है,तो क्रमोन्नत/समयमान का लिया गया विकल्प यथावत रहेगा ? क्योंकि,आदेशानुसार प्रस्तुत विकल्प अंतिम व अपरिवर्तनीय है।
शिक्षा विभाग का अमला बहुत बड़ा है। जिसमें अलग-अलग प्रकार के संवर्ग हैं। स्वीकृत वेतनमान में विसंगति है। उदाहरण:- सीमित परीक्षा द्वारा चयनित प्रधानपाठक प्राथमिक शाला (9300-34800+ 4200 (लेवल-8) को समयमान वेतनमान (वित्त निर्देश 15/2023) द्वारा क्रमशः 9300-34800+ 4400 (लेवल-10) तथा 15600-39100+5400 (लेवल-12) का लाभ स्वीकृत किया गया है।लेकिन,सीमित परीक्षा द्वारा चयनित प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला (9300-34800+4300 लेवल-9) ,जोकि राजपत्रित है,को समयमान वेतनमान स्वीकृत नहीं किया गया है। जबकि तत्संबंधी अभ्यावेदन निरंतर प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने बताया कि क्रमोन्नत योजना केवल दो स्तरीय है।तीसरे का प्रावधान नहीं है।समयमान योजना त्रिस्तरीय है।अतः समयमान वेतनमान लाभप्रद होता है।इसका गणना प्रथम नियुक्ति/सेवा में प्रवेश के पद से होता है।
सहायक शिक्षक पद पर प्रथम नियुक्त हुए हैं,उनके लिये समयमान वेतनमान का आदेश शासन ने जारी नहीं किया है। सहायक शिक्षक पद से पदोन्नत होकर शिक्षक/व्याख्याता के पद पर हैं अथवा शिक्षक/व्याख्याता/प्राचार्य पद पर सीधी भर्ती/पदोन्नति से नियुक्त हुए हैं,उन्हें समयमान वेतनमान का विकल्प लेना लाभप्रद होगा।
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