देवेन्द्र कुमार खूंटे रिपोर्टर कोरबा

(कोरबा) अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मुकुटधर साहित्य समिति, कोरबा द्वारा रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को पं. मुकुटधर पाण्डेय साहित्य भवन में विचार-विमर्श, आलेख प्रस्तुति, चर्चा गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिका सशक्तीकरण, भारतीय संस्कृति में बेटियों का स्थान, बालिकाओं के अधिकार, महिला सम्मान तथा बालिकाओं के प्रति हिंसा जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से पहचान बनाने वाली पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड के शा.उ.मा.वि. सिंधिया के खिलाड़ी सुश्री चंचल ( क्रिकेट खिलाड़ी) एवं सुश्री नेहा जायसवाल (बेसबॉल खिलाड़ी) का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य भवन समिति के संरक्षक यूनुस दानियालपुरी ने की। मंच पर संरक्षक कमलेश यादव, मुकेश चतुर्वेदी, केवल कृष्ण पाठक, दीप दुर्गवी, डॉ. रवींद्र नाथ सरकार, अशोक कुमार चन्द्रा तथा समिति के अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल आसीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। सरस्वती वंदना सुमधुर आवाज की धनी कविता जैन ने किया । इसके पश्चात अतिथियों एवं खिलाड़ियों का पुष्पहार पहनाकर तथा बैज लगाकर आत्मीय अभिनंदन किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर विद्वान साहित्यकारों ने बालिकाओं से जुड़े विभिन्न सामाजिक विषयों पर आलेख प्रस्तुत किए। श्रीमती कोरल वर्मा ने ‘बेटी बचाओ से बेटी बढ़ाओ तक : क्या बदला, क्या बाकी है?’ विषय पर अपने विचार रखे। श्रीमती रसीदा बानो ने ‘भारतीय संस्कृति में बेटी का स्थान : परंपरा और आधुनिकता’ विषय पर आलेख प्रस्तुत किया। श्री राधेश्याम साहू ने ‘आज की बालिका, कल की निर्णायक शक्ति’ तथा श्री संतोष चौहान ने ‘बालिकाओं पर हिंसा, कारण और समाधान’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। आलेखों के माध्यम से बालिकाओं की वर्तमान स्थिति, सामाजिक चुनौतियों, अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तीकरण के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा गया। वक्ताओं ने बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

व्याख्यान के पश्चात निर्धारित विषयों पर प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने सवालों के जवाब देते हुए अपने विचार और तर्क प्रस्तुत किए। प्रभावी उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से बालिकाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने और विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया गया।


कार्यक्रम में आयोजित काव्य गोष्ठी में अंचल के कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक वातावरण को समृद्ध किया। इसमें यूनुस दनियाल पुरी, कमलेश यादव, मुकेश चतुर्वेदी, केवल कृष्ण पाठक, दिलीप अग्रवाल, बलराम राठौर, रवींद्र सरकार, डॉ. कृष्ण कुमार चन्द्रा, जितेंद्र कुमार वर्मा खैरझिटिया, पूरनचंद पटेल, वीणा मिस्त्री, स्मिता देशपाण्डे, संतोष मिरी, मनीष मुसाफिर, अनुसुइया श्रीवास, रसीदा बानो मार्कण्डेय, भारती चौरसिया, अर्चना साहू, मालती जोशी, संतोष चौहान, अणिमा प्रसाद, दर्शन दास मानिकपुरी, नवल कुमार जोशी, राधेश्याम साहू, कोरल वर्मा एवं कविता जैन सहित अन्य रचनाकारों ने सहभागिता की। इसी कड़ी में नन्हीं बालिका शाव्या डिक्सेना ने दो मधुरिम रचनाओं का पाठ किया । कवियों एवं कवयित्रियों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को साहित्यिक रंग प्रदान किया। श्रोता के रूप में जाबीर अली, अहमद खान, अशोक कुमार चन्द्रा, भरत साहू, मिस्टर जैन सहित अन्य साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।


काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों एवं कवयित्रियों के बीच भाग्यशाली रचनाकारों का चयन भी किया गया। इसमें भाग्यशाली कवि के रूप में डॉ. कृष्ण कुमार चन्द्रा तथा भाग्यशाली कवयित्री के रूप में वीणा मिस्त्री का चयन हुआ। दोनों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस पहल के माध्यम से साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने तथा साहित्यिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया गया।


कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव डॉ. कृष्ण कुमार चन्द्रा एवं कविता जैन ने किया। अंत में बलराम राठौर ने आभार प्रदर्शन करते हुए आयोजन से जुड़े अतिथियों, साहित्यकारों, खिलाड़ियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।


मुकुटधर साहित्य समिति, कोरबा का यह आयोजन साहित्यिक गतिविधियों के साथ सामाजिक जागरूकता, बालिका सम्मान और प्रतिभाओं के प्रोत्साहन का साझा मंच बना। आलेख प्रस्तुतियों, चर्चा गोष्ठी, प्रश्नोत्तर, काव्य पाठ और खिलाड़ियों के सम्मान के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों, आत्मनिर्भरता तथा समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का संदेश दिया गया।