अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(गेवरा-कोरबा) एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नरईबोध, मनगांव, रलिया और उमेंदीभाठा के भू-विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों में प्रबंधन के रवैये को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने रोजगार सहित विभिन्न लंबित मांगों पर आश्वासन पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए 26 अक्टूबर 2026 से गेवरा कार्यालय परिसर एवं खदान क्षेत्र में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

तीन दिन में रोजगार देने का मिला था आश्वासन

ग्रामीणों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, ब्लास्टिंग से होने वाली समस्याओं और रोजगार से जुड़ी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इसी संबंध में 11 अक्टूबर 2026 को एसईसीएल गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय में बैठक आयोजित की गई थी। इसमें प्रबंधन ने तीन दिनों के भीतर पांच भू-विस्थापितों को रोजगार के लिए जॉइनिंग देने तथा अन्य लंबित समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया था।


ग्रामीणों ने प्रबंधन के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए 12 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी न तो पांच भू-विस्थापितों को जॉइनिंग मिली और न ही अन्य समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल की गई।


प्रशासन को दी गई आंदोलन की सूचना

आश्वासन पूरा नहीं होने से नाराज ग्रामीणों और प्रभावित महिलाओं ने अब अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

इस संबंध में महाप्रबंधक एसईसीएल गेवरा क्षेत्र, कोरबा कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम कटघोरा और दीपका थाना प्रभारी को लिखित सूचना भेजी गई है। ग्रामीणों ने आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर मामले की दूसरी तस्वीर भी स्पष्ट हो सकेगी।