26वें वर्ष भी कायम रही आस्था और सेवा की परंपरा, मां दुर्गा के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

दिब्येन्दु मृधा संपादक डीएम इंडिया न्यूज़

(चकरभाटा)नवरात्रि के पावन अवसर पर चकरभाटा के वार्ड क्रमांक 8 स्थित जय अंबे मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का अनुपम दृश्य देखने को मिला। मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, आरती, हवन, कन्या पूजन और कन्या भोज के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। मां के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हवन में आहुतियां अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की गई। इसके बाद कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया। भैरव बाबा, बजरंगबली और भगवान शंकर की आराधना के साथ आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, वर्ष 2001 में सहयोगियों के योगदान से मंदिर निर्माण और स्थापना की शुरुआत हुई थी। प्रधान पुजारी पंडित नारद तिवारी के मार्गदर्शन में उनके सुपुत्र पंडित रुद्र तिवारी, दिनेश पांडे, आकाश शर्मा सहित अन्य सहयोगी धार्मिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बनी हुई है।


महिलाओं की सेवा और समर्पण बना आकर्षण


आयोजन में महिलाओं ने कन्या पूजन, कन्या भोज और सुहागिन पूजन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। बच्चों की सहभागिता ने भी आयोजन को विशेष बनाया। यह परंपरा नई पीढ़ी को धार्मिक संस्कार, सेवा और सहयोग का महत्व सिखा रही है।


जय अंबे मंदिर का यह आयोजन भक्ति के साथ सामाजिक एकता और सेवा भावना का संदेश देता नजर आया।