कॉमन करैत के चार बार डसने के बाद जिंदगी की जंग जीती मासूम, अस्पताल से छुट्टी मिलने का इंतजार कर रहा परिवार और पूरा गांव

(कोरबा-बिरदा)जिंदगी और मौत के बीच चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद 12 वर्षीय परी महंत ने आखिरकार जिंदगी की जंग जीत ली है। जहरीले सांप के डसने से गंभीर रूप से बीमार हुई परी अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है। हालांकि, अस्पताल से छुट्टी मिलने में अभी कुछ समय लग रहा है। बच्ची के स्वस्थ होने की खबर मिलते ही परिजनों और ग्राम बिरदा में खुशी का माहौल है। अब ग्रामीण अपनी लाडली परी के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उसके स्वागत की भव्य तैयारी में जुटे हैं।

आधी रात को बिस्तर में पहुंचा जहरीला सांप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बिरदा निवासी परी महंत रात करीब दो बजे अपने बिस्तर पर सो रही थी। इसी दौरान अत्यंत विषैला कॉमन करैत सांप उसके बिस्तर में घुस गया और उसके हाथ में चार बार डस लिया। घटना के बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। साधनों के अभाव में उसे अस्पताल पहुंचाने में चार घंटे से अधिक की देरी हुई। गंभीर स्थिति के चलते परी बेहोश हो गई, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।

कोटवार की सलाह बनी मददगार

इस मुश्किल घड़ी में सरईसिंगार के कोटवार रविंद्र कुमार महंत ने परिजनों को बच्ची को तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद अस्पताल में परी का उपचार शुरू हुआ। चिकित्सकों की देखरेख में चले इलाज के दौरान बच्ची ने चार दिनों तक संघर्ष किया। आखिरकार उसकी हालत में सुधार हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है।

घर वापसी पर होगा भव्य स्वागत

परी के स्वस्थ होने से परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामवासियों ने राहत की सांस ली है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गांव में उसके स्वागत की तैयारी की जा रही है। ग्रामीण इस खुशी के अवसर को यादगार बनाना चाहते हैं।

सर्पदंश में समय पर उपचार जरूरी

परी की घटना लोगों को सतर्क रहने का संदेश देती है। सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। अब सभी की निगाहें परी की घर वापसी पर टिकी हैं, जहां उसका स्वागत खुशियों और दुलार के साथ किया जाएगा।