धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग जिला ब्यूरो चीफ

(कोरबा)कोरबा पुलिस द्वारा जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान "सजग कोरबा, सतर्क कोरबा" को एक बड़ी सफलता मिली है. इस अभियान के तहत पुलिस ने आधुनिक तकनीक CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की मदद से गुम हुए 110 मोबाइल फोन बरामद किए हैं.

विशेष बात यह है कि पुलिस ने न केवल इन मोबाइलों को बरामद किया, बल्कि उनके वास्तविक मालिकों को ढूंढकर उन्हें वापस भी सौंप दिया है. लंबे समय से अपना मोबाइल खो जाने के कारण उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे पर उस वक्त खुशी लौट आई, जब पुलिस ने उन्हें उनका खोया हुआ फोन वापस थमाया. बरामद किए गए 110 मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 20 लाख 3 हजार 353 रुपये बताई जा रही है.

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के कुशल निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई की गई. साइबर पुलिस थाना कोरबा ने CEIR पोर्टल की तकनीकी मदद से इन मोबाइलों को अलग-अलग स्थानों, यहां तक कि अन्य राज्यों से भी ट्रेस किया. इस अभियान को सफल बनाने में साइबर पुलिस थाना के साथ-साथ जिले के विभिन्न थानों एवं चौकियों के स्टाफ ने भी संयुक्त प्रयास किए. बरामद मोबाइलों में एप्पल (Apple), सैमसंग (Samsung), ओप्पो (Oppo), वीवो (Vivo), रेडमी (Redmi), रियलमी (Realme) और वनप्लस (OnePlus) जैसी प्रमुख कंपनियों के फोन शामिल हैं.

अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने कोरबा पुलिस और साइबर टीम के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की. कई मोबाइल मालिकों का कहना था कि उन्हें अब उम्मीद नहीं थी कि उन्हें उनका मोबाइल फिर कभी मिलेगा, लेकिन पुलिस की त्वरित और तकनीकी कार्रवाई ने पुलिस पर उनके भरोसे को और मजबूत कर दिया है.

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में साइबर पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा, उप निरीक्षक अजय सोनवानी और पूरी साइबर टीम की भूमिका सराहनीय रही.

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, "सजग कोरबा, सतर्क कोरबा" अभियान के अंतर्गत पिछले 8 महीनों में कुल 400 से अधिक गुम मोबाइल फोन को ट्रैक करके उनके असली मालिकों तक पहुंचाया जा चुका है.

कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनका मोबाइल कहीं खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो रिपोर्ट दर्ज कराने में देरी न करें. मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें और साथ ही नजदीकी थाने या साइबर पुलिस थाने को भी सूचित करें, ताकि पुलिस तकनीक का इस्तेमाल कर मोबाइल को जल्द से जल्द ट्रैक कर सके.

इसके अलावा, पुलिस ने साइबर अपराधों से बचने के लिए भी लोगों को जागरूक किया है. पुलिस की सलाह है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए.

संक्षेप में कहा जाए तो, तकनीक के सहारे कोरबा पुलिस लगातार गुम हुए मोबाइलों को उनके सही मालिकों तक पहुंचा रही है. यह सिर्फ 110 लोगों के हाथ में फोन वापस पहुंचना नहीं है, बल्कि यह जनता का पुलिस पर अटूट विश्वास और भरोसा है जिसे पुलिस ने अपनी मेहनत और निष्ठा से हासिल किया है.