भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा

(कोरबा)शासकीय मिडिल स्कूल विजयनगर के प्रधान पाठक सर्वेश सोनी ने कहा है कि विद्यार्थियों को समय-समय पर दिया जाने वाला संक्षिप्त लेकिन सकारात्मक प्रोत्साहन उनके शैक्षिक विकास, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि बच्चों की छोटी-छोटी उपलब्धियों की सराहना करने से उनमें सीखने की रुचि बढ़ती है और वे पढ़ाई के प्रति अधिक जिम्मेदार बनते हैं।

सर्वेश सोनी ने कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यपुस्तक का ज्ञान देने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के निर्माण का भी महत्वपूर्ण स्थान है। यदि शिक्षक नियमित रूप से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करें और उन्हें सही दिशा में प्रेरित करें, तो वे न केवल शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, बल्कि समाज में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी अपनी पहचान बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि सकारात्मक शब्दों का प्रभाव बच्चों के मन पर गहरा पड़ता है। शिक्षकों और अभिभावकों का प्रोत्साहन विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी बनाता है तथा उन्हें नशा, हिंसा, अनुशासनहीनता और अन्य दुर्गुणों से दूर रहने की प्रेरणा देता है। इससे उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन, परिश्रम और नैतिकता जैसे गुण विकसित होते हैं।

प्रधान पाठक ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी क्षमता को पहचानें और निरंतर उनका मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय और परिवार के संयुक्त प्रयासों से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है तथा वे भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए आदर्श नागरिक बनकर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।