अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा)शहर की राजनीति में भगवान राम के मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व राजस्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जय सिंह अग्रवाल ने रविवार को टीपी नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राम करोड़ों देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं और उन्हें राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना उचित नहीं है।

जय सिंह अग्रवाल ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में भाजपा नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने पूछा कि जब मामला भगवान राम की आस्था से जुड़ा है तो सत्ता पक्ष खुलकर अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहा।

पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जांच के नाम पर केवल छोटे कर्मचारियों और निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार "छोटी मछलियों को फंसाकर मगरमच्छों को बचाने" का काम कर रही है। उनके अनुसार, जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।

जय सिंह अग्रवाल ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की समयबद्ध और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश की जनता की आस्था का विषय है।

प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने दोहराया कि "भगवान राम पूरे देश के हैं, किसी एक पार्टी के नहीं। उनकी मर्यादा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान होना चाहिए, न कि उन्हें राजनीति का हथियार बनाया जाना चाहिए।"