बसाहट, मकान नापी, सोलसियम, मुआवजा और नौकरी के मुद्दों पर SECL प्रबंधन से हुई मैराथन चर्चा

भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा

(कोरबा)कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल की अगुवाई में हरदीबाजार, रेंकी और सराईसिंगार के भूविस्थापितों की वर्षों पुरानी मांगों को लेकर सोमवार को SECL मुख्यालय बिलासपुर के सीएमडी सभागार में उच्चस्तरीय बैठक हुई। यह बैठक 19 सितंबर को दीपका महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर भूविस्थापितों के आठ घंटे के तालाबंदी आंदोलन के बाद आयोजित की गई।

बैठक में SECL निदेशक (कार्मिक) बीरंची दास, निदेशक (तकनीकी) मोहपात्रा, जीएम एलएंडआर बिपिन कुमार लाल, दीपका जीएम अशोक कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बसाहट, मकान नापी, सोलसियम मुआवजा और रोजगार सहित विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जयंती नगर को पूर्ण रूप से विकसित कर भूविस्थापितों को बसाहट देने पर सहमति बनी। 2004-2010 के अधिग्रहण के बाद बने मकानों की नापी के आधार पर सोलसियम सहित मुआवजा देने के विषय पर भी चर्चा हुई। ड्रोन सर्वे में शामिल मकानों पर 60 प्रतिशत कटौती के बजाय 100 प्रतिशत मुआवजा देने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया गया।

वर्ष 2004 की अधिग्रहण नीति के तहत रोजगार, शेष 212 एकड़ भूमि के अधिग्रहण तथा अन्य गांवों के लंबित रोजगार-मुआवजा प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। अमगांव, दर्राखांचा, जोकही, डबरी, मलगांव और सुवाभोड़ा के मामलों को 15 दिनों में निपटाने की बात कही गई।

SECL प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि 4-5 दिनों में सभी प्रमुख मुद्दों पर लिखित आधिकारिक निर्णय सौंपा जाएगा। मुआवजा भुगतान तक हरदीबाजार में मकान नहीं तोड़ने की बात भी कही गई।