एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व सहित विभिन्न विभागों ने किया समन्वित रेस्क्यू अभ्यास

कृष्णा पाण्डेय जिला ब्यूरो चीफ जीपीएम 

 (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही)बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए आज गंगनई जलाशय, मरवाही में जिला स्तरीय काल्पनिक अभ्यास (मार्क ड्रिल) किया गया। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार हुए इस मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, राजस्व, स्वास्थ्य एवं विद्युत विभाग सहित विभिन्न टीमों ने वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान भारी बारिश से जलमग्न क्षेत्र में फंसे लोगों और एक टापू पर फंसे ग्रामीणों एवं बकरियों को सुरक्षित निकालने की अभ्यास की गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन टीम ने संबंधित विभागों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। 

       एसडीआरएफ की टीम लाइफ जैकेट, मोटर बोट और आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ टापू तक पहुंची और ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद प्रभावित लोगों की मेडिकल टीम द्वारा जांच की गई। सामान्य स्थिति वाले लोगों को अस्थायी राहत शिविर में रखा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को जिला अस्पताल रेफर करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। मौके पर इंसीडेंट कमांडर की निगरानी में राहत शिविर, अस्थायी अस्पताल और रेस्क्यू दल के लिए अलग शिविर भी स्थापित किए गए। मॉक ड्रिल के अगले चरण में बाढ़ के कारण पुल ढहने से गांव में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। इसके बाद अस्पताल के पीछे का हिस्सा ढहने की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर वहां फंसे मरीजों के रेस्क्यू की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।

          अभ्यास के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई को परखा गया। अभ्यास समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में अपने-अपने विभाग की जिम्मेदारियों, कार्यप्रणाली और आवश्यक कार्रवाई की जानकारी दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा, जिला आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम मरवाही निकिता मरकाम सहित तहसीलदार, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।