धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा-बांकीमोंगरा) पत्रकारों एवं मीडिया को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा और बांकी मोंगरा के पत्रकारों के बीच चल रहा विवाद आखिरकार सौहार्दपूर्ण बातचीत के साथ समाप्त हो गया। शुक्रवार को बांकी मोंगरा प्रेस क्लब के पत्रकारों के साथ हुई बैठक में भागवत विश्वकर्मा ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा और अपनी गलती स्वीकार करते हुए पत्रकारों से खेद व्यक्त किया। इसके बाद पत्रकारों ने भी उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार करते हुए उनके समाचारों के बहिष्कार का निर्णय समाप्त कर दिया।

दरअसल, कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर पत्रकारों एवं मीडिया को लेकर की गई कथित टिप्पणी से नाराज बांकी मोंगरा प्रेस क्लब के पत्रकारों ने सामूहिक रूप से भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा के समाचारों एवं उनकी उपस्थिति वाले कार्यक्रमों के मीडिया कवरेज का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। पत्रकारों ने इस निर्णय को व्यक्तिगत विरोध के बजाय पत्रकारों के सम्मान और प्रेस की गरिमा से जुड़ा मामला बताया था।

इसके बाद भागवत विश्वकर्मा ने स्वयं बांकी मोंगरा प्रेस क्लब के पत्रकारों से बैठक कर अपना पक्ष रखने की अपील की थी। इसी क्रम में आयोजित बैठक में उन्होंने पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी और कहा कि उनके द्वारा की गई टिप्पणी उचित नहीं थी। उन्होंने पत्रकारों को हुई असुविधा एवं उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचने पर खेद व्यक्त करते हुए भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करने का भरोसा दिलाया।

गलती स्वीकार कर मांगी माफी

बैठक के दौरान भागवत विश्वकर्मा ने कहा कि उनसे जो टिप्पणी की गई, वह गलत थी और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनके किसी भी शब्द या पोस्ट से पत्रकार बंधुओं के सम्मान को ठेस पहुंची है तो वे उसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं। साथ ही उन्होंने भविष्य में पत्रकारों के मान-सम्मान का ध्यान रखने तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की बात कही।

उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि पूर्व में लिया गया बहिष्कार का निर्णय समाप्त कर आपसी भाईचारे और सामाजिक संबंधों को पहले की तरह कायम रखा जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकार और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच बेहतर संवाद एवं आपसी सम्मान जरूरी है।

पत्रकारों ने स्वीकार किया स्पष्टीकरण, बहिष्कार समाप्त

भागवत विश्वकर्मा के स्पष्टीकरण और खेद व्यक्त किए जाने के बाद बांकी मोंगरा प्रेस क्लब के पत्रकारों ने आपस में चर्चा की। पत्रकारों ने उनके द्वारा अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करने को सकारात्मक पहल माना और सामूहिक रूप से समाचार बहिष्कार समाप्त करने का निर्णय लिया।

पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि पत्रकारिता और पत्रकारों के सम्मान की गरिमा को बनाए रखना था। जब बातचीत और संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान सामने आया, तो पत्रकारों ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए बहिष्कार समाप्त करने का निर्णय लिया।

गिले-शिकवे दूर, भाईचारे के साथ आगे बढ़ने पर सहमति

बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने आपसी गिले-शिकवे दूर कर भविष्य में सौहार्दपूर्ण वातावरण में मिल-जुलकर आगे बढ़ने पर सहमति जताई। पत्रकारों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन संवाद, सम्मान और आपसी भाईचारे के माध्यम से किसी भी विवाद का सकारात्मक समाधान संभव है।

इस तरह पिछले कुछ दिनों से चल रहा पत्रकारों और भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा के बीच विवाद अब समाप्त हो गया है। भागवत विश्वकर्मा की ओर से खेद व्यक्त करने और पत्रकारों द्वारा बहिष्कार समाप्त करने के बाद दोनों पक्षों ने पूर्ववत सामाजिक एवं पारिवारिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है।