6जुलाई को अधिवक्ता संघ की विशाल बाइक रैली, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन; जनआंदोलन का होगा भव्य आगाज़..

धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा-कटघोरा)कटघोरा को पृथक जिला घोषित किए जाने की मांग अब निर्णायक दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है। वर्षों से चली आ रही इस मांग को लेकर अधिवक्ता संघ कटघोरा ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ ने आगामी 6 जुलाई (सोमवार) को नगर में विशाल बाइक रैली निकालने का ऐलान किया है। रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम कटघोरा को सौंपकर कटघोरा को शीघ्र जिला घोषित करने की मांग की जाएगी।

इस संबंध में अधिवक्ता संघ कटघोरा के तत्वावधान में अधिवक्ता कक्ष क्रमांक-01 में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।


बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कटघोरा भौगोलिक, प्रशासनिक एवं जनसंख्या सहित सभी आवश्यक मानकों पर जिला बनने की पात्रता रखता है। जिला बनने से क्षेत्र के लाखों नागरिकों को प्रशासनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी तथा विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी।


बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 6 जुलाई (सोमवार) को अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में नगर के प्रमुख मार्गों से विशाल बाइक रैली निकाली जाएगी। रैली में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं एवं क्षेत्रवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है। रैली के समापन पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम कटघोरा को सौंपा जाएगा।


अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। बाइक रैली के बाद क्षेत्र के सामाजिक, व्यापारिक, युवा एवं विभिन्न जन संगठनों के साथ बैठक कर आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन के अगले चरण की रणनीति भी तैयार की जाएगी।


अधिवक्ताओं ने कहा कि "कटघोरा को जिला बनाना क्षेत्र की जनता का अधिकार है। यह केवल प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास और जनसुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। 6 जुलाई की बाइक रैली इस जनआंदोलन की शुरुआत होगी, जिसे जनता के सहयोग से और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।"


कटघोरा में इस घोषणा के बाद जिला बनाए जाने की मांग को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। क्षेत्रवासियों में भी इस आंदोलन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मुहिम के और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।