अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(बालोद)अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्याम लाल नवरत्न द्वारा वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्धजनों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वृद्धजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्याम लाल नवरत्न ने वृद्धजनों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके स्वास्थ्य, दैनिक जीवन और आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वृद्धजनों के साथ समय बिताते हुए उनके जीवन के अनुभवों, विचारों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। वृद्धजनों ने भी अपने जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए और कार्यक्रम के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की।

न्यायाधीश ने कहा कि वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी से वृद्धजनों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग का भाव बनाए रखने का आह्वान किया। सभी ने वृद्धजनों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों को आवश्यक सहयोग, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं के प्रति आश्वस्त किया गया। अधिकारियों ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और वृद्धजनों की सुविधाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर वृद्धजनों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया गया। ताजुद्दीन आसिफ, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), भारती कुलदीप, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वृद्धजनों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी भी उपस्थित रहे। स्वास्थ्यकर्मियों ने वृद्धजनों के स्वास्थ्य की जांच की तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वृद्धजनों के प्रति सम्मान, संवेदना एवं जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना था। इस अवसर ने यह संदेश दिया कि वृद्धजनों की सेवा और सम्मान केवल एक सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने वृद्धजनों के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उक्त कार्यक्रम में पैरालीगल वालिंटियर्स की भी सहभागिता रही।