नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा का दिया संदेश, सिवनी के आदर्श कोसा सहकारी बुनकर समिति में किया संवाद, हथकरघा उद्योग की सराहना

दिब्येन्दु मृधा संपादक डीएम इंडिया न्यूज़

(जांजगीर-चांपा)पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS* के निर्देशन में जांजगीर चांपा पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत विभिन्न जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में चांपा थाना क्षेत्र के ग्राम सिवनी स्थित आदर्श कोसा सहकारी बुनकर समिति में मंगलवार को CSP खापर्डे ने बुनकर महिलाओं से मुलाकात कर उनके कार्यों की जानकारी ली। 

इस दौरान समिति के संचालक मनमोहन देवांगन ने CSP को समिति की स्थापना, कोसा बुनाई की प्रक्रिया, महिलाओं को दिए जा रहे रोजगार तथा हथकरघा उद्योग से जुड़ी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति के माध्यम से बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

CSP जांजगीर योगिताबाली खार्पडे ने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे कोसा वस्त्रों और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर एसडीओपी ने "एक युद्ध नशे के विरुद्ध" अभियान के तहत महिलाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक है। महिलाओं से अपील की कि यदि आसपास कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार या सेवन होता दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके साथ ही उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति भी महिलाओं को जागरूक किया। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने तथा सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस एवं साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की।

कार्यक्रम में महिलाओं ने भी पुलिस के साथ संवाद कर विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं तथा नशामुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया।


कार्यक्रम में क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य उमा राजेंद्र राठौर भी उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं से साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि डिजिटल युग में थोड़ी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने महिलाओं से किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या ओटीपी साझा करने से बचने तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया। 

प्रशिक्षु उप निरीक्षक निकिता साहू ने दी महिला एवं साइबर सुरक्षा की जानकारी,,

कार्यक्रम में प्रशिक्षु उप निरीक्षक निकिता साहू ने महिलाओं को साइबर ठगी से बचाव, महिला सुरक्षा, आपातकालीन पुलिस सहायता एवं हेल्पलाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी, महिला उत्पीड़न या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जागरूकता और सतर्कता ही अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है।