सरस्वती साइकिल योजना के तहत हुआ वितरण, पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश

दिब्येन्दु मृधा संपादक डीएम इंडिया न्यूज

(गरियाबंद-मैनपुर) विकासखंड मैनपुर के शासकीय हाई स्कूल गरहाडीह में शनिवार को सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की 24 छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई। साइकिल मिलने पर छात्राओं के चेहरे पर खुशी नजर आई।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत गरहाडीह के सरपंच शंकरलाल नेताम, वरिष्ठ नागरिक सुकचंद परदे, भानूराम परदे, मनाराम, बरातूराम, लक्ष्मीनाथ, बरनुराम, फूलसिंह मरकाम, दुनेश्वर एवं विद्यालय के शिक्षक प्रभारी प्राचार्य बुंदेश्वरी लोधी, भूमिका साहू, शत्रुघन सिन्हा, कैलाश मंडावी, खम्मन सिंह, यशवंत साहू, संतोष ध्रुव, शीतल साहू, मनोज सिन्हा, गजेंद्र साहू एवं समस्त शिक्षक उपस्थित रहे। 

अतिथियों ने पढ़ाई करने किया प्रेरित 

अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल प्रदान करते हुए नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन की यह योजना विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं के लिए काफी उपयोगी है। साइकिल मिलने से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी और उनका समय भी बचेगा।

विद्यालय में मनाया शिक्षक दिवस 

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना आवश्यक है। छात्राओं ने साइकिल मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब विद्यालय आने-जाने में पहले की अपेक्षा अधिक सुविधा होगी। शिक्षक दिवस के मौके पर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के माथे पर तिलक लगाकर उनका सम्मान किया। 

विद्यालय परिसर में किया पौधरोपण

साइकिल वितरण कार्यक्रम के बाद विद्यालय परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। विद्यालय को हरा-भरा और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से परिसर में नारियल, अशोक, जाम, नीम, आम एवं नींबू सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पौधों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करना भी जरूरी है। विद्यालय परिसर में हरियाली बढ़ने से विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण, दोनों क्षेत्रों में सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया।