10–12 गाड़ियों में सवार होकर पहुंचने और कांग्रेस युवा नेता कुणाल आजाद पर हमले का आरोप; रौनक सिंह राजपूत जेल दाखिल, राहुल यादव और विक्रम यादव उर्फ बम समेत अन्य की तलाश जारी

(कोरबा-बांकी मोंगरा) कोयलांचल क्षेत्र बांकी मोंगरा के शांति नगर में आधी रात कथित हमले की घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। मामले में रौनक सिंह राजपूत निवासी प्रेम नगर, थाना कुसमुंडा को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया गया है। वहीं, राहुल यादव निवासी चुनचुनी, विक्रम यादव उर्फ बम और उनके अन्य साथियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

धमकी भरे कॉल के बाद बढ़ा विवाद, 10–12 गाड़ियों में पहुंचे युवक

शिकायत पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 11 बजे कांग्रेस से जुड़े युवा नेता कुणाल आजाद के मोबाइल पर कथित तौर पर धमकी भरे कॉल आने शुरू हुए। बताया गया है कि कुणाल ने फोन का स्पीकर ऑन कर अपने दोस्तों और बाद में परिजनों को भी कॉल सुनाए। आरोप है कि गाली-गलौज और धमकी का सिलसिला नहीं रुकने के बाद कई युवकों को बुलाया गया।


शिकायत के मुताबिक, कुछ समय बाद 10–12 गाड़ियों में सवार होकर युवक शांति नगर पहुंचे। आरोप है कि उनके पास डंडे और चाकू जैसे हथियार थे तथा कुणाल आजाद पर हमला किया गया। कुणाल ने भागकर अपनी जान बचाई। शोरगुल बढ़ने और स्थानीय लोगों के सक्रिय होने पर कथित तौर पर कई युवक मौके पर मोटरसाइकिल छोड़कर भाग गए। घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दो आरोपी गिरफ्तार, रौनक सिंह राजपूत जेल दाखिल

पुलिस की कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें रौनक सिंह राजपूत निवासी प्रेम नगर, थाना कुसमुंडा शामिल है। उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 0220/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296, 351(3), 109(1) और 189(2) में कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल दाखिल कर दिया गया है। दूसरे आरोपी के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई है। उसके मामले में किशोर न्याय कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

राहुल यादव और विक्रम यादव उर्फ बम की तलाश

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर राहुल यादव निवासी चुनचुनी, विक्रम यादव उर्फ बम और उनके अन्य साथियों के संबंध में जानकारी मिली है। ये लोग फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी और धरपकड़ की कार्रवाई कर रही है।

रात में ही सभी आरोपियों को क्यों नहीं पकड़ा जा सका बांकी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल?

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि घटनास्थल से दो लोगों को पकड़ा गया था, तो अन्य संदिग्ध मौके से कैसे निकल गए? लोगों का कहना है कि शुरुआती कार्रवाई के दौरान पकड़े गए आरोपियों से तत्काल जानकारी जुटाकर संभावित ठिकानों पर घेराबंदी की जाती, तो कुछ और संदिग्धों को उसी रात पकड़ा जा सकता था।


हालांकि, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और पुलिस ने तत्काल क्या कदम उठाए, इसकी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। इस संबंध में पुलिस का पक्ष सामने आने पर तस्वीर और साफ हो सकेगी।

CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच

घटना बांकी मोंगरा शांति नगर सामुदायिक भवन के पास की बताई जा रही है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दर्री सीएसपी विमल पाठक भी बांकी मोंगरा थाना पहुंचे थे और जांच की जानकारी ली थी।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर नजर

फिलहाल पुलिस फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शांति नगर की इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और देर रात होने वाली ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण को लेकर चर्चा तेज कर दी है।