सदानंद कुमार प्रउहा सह-संपादक डीएम इंडिया 

(रायपुर)जलजीवन मिशन के कार्यों का दो साल से भुगतान नहीं होने से नाराज ठेकेदार शुक्रवार को विधानसभा का घेराव करने निकले। पुलिस ने कांट्रेक्टरों को तूता के पास रोक दिया। रोके जाने से नाराज ठेकेदारों की पुलिस के साथ झूमाझटकी हुई। इसके बाद पुलिस सभी ठेकेदारों को गिरफ्तार कर धरना स्थल से ले गई।

छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के अनुसार भुगतान नहीं होने की वजह से कई ठेकेदारों की माली हालत खराब हो गई है।

आर्थिक तंगी के कारण नए काम नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण सरकार का जल जीवन मिशन का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शासन ने ताकत के बल पर विधानसभा का घेराव करने से उन्हें रोका है,़परंतु अपने अधिकारों को लेकर एकजुट ठेकेदार आवाज बुलंद करते रहेंगे, जब तक कि समस्याओं का निराकरण नहीं हो जाता। कोरबा जिला अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी की नेतृत्व में करीबन चालीस पचास ठेकेदारों ने उक्त घेराव में भाग लिया जिसमें प्रमुख रूप से असलम खान, संतोष खरे, संजय केडिया, तबरेज खान,अभिनव सोनी, सत्यनारायण अग्रवाल, सारनेश शर्मा, दीपक बाजपेई, अभिषेक मिश्रा, राजीव राय, अंकित सक्सेना प्रदीप शर्मा सहित पी एच ई में कार्यरत सभी ठेकेदार उपस्थित रहे ।

दो दिन बाद आगे की रणनीति तय करेंगे

प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन समेत निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार, भर्राशाही और अफसरशाही चल रही है। बिलों का भुगतान रोककर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। ठेकेदारों का बकाया मुगतान नहीं होने पर आने वाले दो दिन बाद एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी सदस्यों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।

कांट्रेक्टरों की ये हैं प्रमुख मांगें

• 2200 करोड़ के लंबित पुटअप बिलों का तत्काल भुगतान

• 3000 करोड़ के आगामी बिलों के मुगतान का अविधम बजट की व्यवस्था एग्रीमेंट के अनुसार रविंग एवं पार्ट पेमेंट तत्काल शुरू किया जाए

● 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने के बाद संपूर्ण भुगतान

एग्रीमेंट के बाद लागू सभी अतिरिक्त नियत तत्काल समाप्त किए जाएं आगामी 6 माह के कार्यों के लिए पयर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए

• फंड के अभाव में किसी भी कार्य को प्रभावित न होने दिया जाए

● दोषी भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की जाए

• ठेकेदारों के साथ अनुबंधानुसार न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए