दिब्येन्दु मृधा संपादक डीएम इंडिया न्यूज़

(भिलाई)स्वच्छ, सुंदर और हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ का स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, गाजर घास उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति जागरूकता अभियान लगातार 1,327वें दिन भी जारी रहा। संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में समिति की टीम ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर श्रमदान कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।

अभियान के तहत धमतरी के ग्राम पंचायत पीपरछेड़ी स्थित माता दाई मार्ग, अमलेश्वर की प्रगति विहार कॉलोनी स्थित शिव हनुमान मंदिर, बालोद के शिव पार्वती धाम, सुरेगांव के दुर्गा मंदिर, भिलाई सेक्टर-10 स्थित शिव दुर्गा मंदिर तथा भिलाई नगर के कपिश्वर मंदिर परिसर में सफाई की गई। समिति के सदस्यों ने स्वयं कचरा उठाकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया और स्थानीय नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने की अपील की।

चार वर्षीय संस्कृति ने थामी झाड़ू, बनी अभियान की नन्ही प्रेरणा

इस अभियान के दौरान अमलेश्वर की प्रगति विहार कॉलोनी स्थित शिव हनुमान मंदिर में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। चार वर्षीय बालिका संस्कृति चंद्राकर हाथ में झाड़ू लेकर स्वच्छता अभियान में शामिल हो गई। वह समिति के सदस्यों को आसपास पड़े प्लास्टिक, गुटखा पाउच और डिस्पोजल की ओर इशारा कर उन्हें उठाने के लिए कहती रही।

नवरात्रि के पावन अवसर पर बालिका की इस पहल ने अभियान में शामिल सदस्यों का मन मोह लिया। समिति के सदस्यों ने इसे मां दुर्गा के संदेश से प्रेरित बताते हुए कहा कि स्वच्छता की सीख बचपन से ही मिले, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। संस्कृति की पहल ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता की जिम्मेदारी केवल किसी संस्था या प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है।

अनेक लोगों ने लिया भाग

अभियान में प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल, संयुक्त सचिव सुरेंद्र साहू, दिनेश कुमार देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, कार्तिक राम चंद्राकर, महेंद्र यादव, भागीरथी सिन्हा, डेरहा देशमुख, संस्कृति चंद्राकर, लालजी देशमुख, रामनाथ देशमुख, तोमेश्वर देशमुख, सागर देशमुख, छन्नू देशमुख, मुरली साहू, नारायण यादव, चिनेश यादव, ग्राम पंचायत पीपरछेड़ी की सरपंच आशनी साहू, सरपंच प्रतिनिधि नेमेश्वर साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

समिति ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, पौधे लगाएं, जल संरक्षण करें और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनें।