सातवें वर्ष की रैली में दिखा छत्तीसगढ़िया संस्कृति और सियासी तेवर का संगम, जल-जंगल-जमीन से लेकर रोजगार तक के मुद्दों पर सरकार को घेरा

धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा)दीपका-गेवरा अंचल में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा लगातार सातवें वर्ष आयोजित प्रदेश स्तरीय जबर भोजली रैली ने इस बार सांस्कृतिक आयोजन के साथ-साथ सियासी माहौल भी गरमा दिया। भव्य रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा, संस्कृति और अस्मिता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में भोजली की परंपरा के साथ छत्तीसगढ़िया मुद्दों की जोरदार गूंज सुनाई दी।

रैली में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल के पहुंचते ही समर्थकों और शुभचिंतकों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग उनकी एक झलक पाने, उनसे मिलने और उनकी बात सुनने के लिए जुटे रहे। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अमित बघेल ने समर्थकों और शुभचिंतकों से मुलाकात की।

सरकार को मुझसे बहुत प्रेम है, इसलिए बार-बार जेल भेजती है”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित बघेल ने अपने करीब साढ़े सात माह के कारावास का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा—

> “राज्य सरकार को मुझसे बहुत प्रेम है, इसलिए वह अपने आरामगृह, जिसे ये लोग जेल कहते हैं, वहां मुझे और हमारे सेनानियों को साढ़े सात माह तक रखी थी। इस वजह से कोरबा की जनता का प्यार मुझे नहीं मिल पाया।”

उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता बदलती रहती है, लेकिन व्यवस्था जस की तस बनी रहती है। उन्होंने कहा कि अब उनका प्रयास केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का है।

“बार-बार जेल भेजेंगे तो और जाएंगे, लेकिन छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ियावादी सरकार तय”


पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को बार-बार जेल भेजे जाने के सवाल पर अमित बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा—

> “मैं केंद्र सरकार और राज्य सरकार को धन्यवाद देता हूं कि हमारे राजनीतिक दल को आगे बढ़ाने के लिए वे हमें बार-बार जेल भेज रही हैं। जेल भेजेंगे तो और जाएंगे, लेकिन अब और जेल भेजते हैं तो छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ियावादी सरकार बनना तय है।”




अमित बघेल के इस बयान के बाद रैली स्थल पर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।


जल-जंगल-जमीन से लेकर रोजगार और शिक्षा तक की लड़ाई का दावा


अमित बघेल ने कहा कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रही है। उन्होंने युवाओं के रोजगार, व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।


उन्होंने प्रदेशवासियों से इन मुद्दों को लेकर जागरूक होने और एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। उनके संबोधन में छत्तीसगढ़िया अस्मिता, स्थानीय अधिकार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।


भोजली रैली को बताया बदलाव की आहट


दीपका-गेवरा में उमड़ी भीड़ और प्रदेशभर में निकल रही जबर भोजली रैलियों का उल्लेख करते हुए अमित बघेल ने इसे जनता के बदलते रुझान का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले चुनाव में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के हाथों प्रदेश की कमान सौंपने की दिशा में जनता अपना मन परिवर्तन कर चुकी है।


हालांकि यह अमित बघेल का राजनीतिक दावा है, लेकिन रैली में उमड़ी भीड़ ने कार्यक्रम को संगठन के लिए उत्साहजनक जरूर बना दिया।


छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा दीपका-गेवरा


जबर भोजली रैली में पारंपरिक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और भोजली की परंपरा का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। आयोजकों ने कहा कि लगातार सात वर्षों से इस आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को प्रदेश से निकालकर देश-दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना भी है।


सांस्कृतिक रंग और राजनीतिक तेवरों के मेल ने इस वर्ष की जबर भोजली रैली को खास बना दिया।


इन प्रमुख पदाधिकारी की रही मौजूदगी


रैली में अमित बघेल — केंद्रीय अध्यक्ष, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, चंद्रकांत यदु — प्रदेश उपाध्यक्ष जेसीपी, दिनेश वर्मा — प्रदेश सह सचिव जेसीपी, सुनील राठौर — प्रदेश संगठन मंत्री जेसीपी, कंचन मानिकपुरी, सुरजीत सिंह — जिलाध्यक्ष, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना कोरबा, तथा जनेन्द्र कुर्रे — जिलाध्यक्ष, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी कोरबा सहित अनेक पदाधिकारी नवल साहू, संजीव गोस्वामी, रविंद्र जगत, महावीर यादव, बादल दुबे, सुरेश पटेल, नोभित साहू, हरी चौहान सहित जिला एवं प्रदेश स्तर के अनेक पदाधिकारी, महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ तथा विभिन्न मोर्चों के सेनानी मिलकर इस भव्य आयोजन को सफल बनाया.