धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा)बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब छत्तीसगढ़ के मैदानी और वनांचल इलाकों में दिखने लगा है। मौसम विभाग द्वारा 28 और 29 अक्टूबर को तेज अंधड़, भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी किए जाने के बाद कोरबा जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आपात बैठक लेकर सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।

मिनीमाता बांगो बांध के गेट खुलने की संभावना..

 हसदेव के तटीय इलाकों में अलर्ट

मौसम विभाग के भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए मिनीमाता बांगो बांध के जलस्तर के नियमन के लिए आवश्यकतानुसार बांध के गेट खोले जा सकते हैं। गेट खोले जाने से हसदेव नदी के जलस्तर और बहाव में अप्रत्याशित वृद्धि होगी।

मिनीमाता बांगो बांध संभाग क्रमांक 3, माचाडोली एवं जिला प्रशासन ने नदी के तटीय और बहाव क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों, पशुपालकों और मछुआरों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और पानी में उतरने, नहाने, कपड़े धोने या मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से पूरी तरह बचने को कहा गया है।

निचले इलाकों में निगरानी, कोटवारों से कराई जा रही मुनादी

कलेक्टर ने राजस्व अमले को निर्देशित किया है कि कोटवारों के जरिए ग्रामीण और संवेदनशील इलाकों में लगातार मुनादी कराई जाए। हसदेव नदी के तटीय क्षेत्रों और जलभराव वाले निचले स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान कच्चे और जर्जर मकानों में रहने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

उफनते रपटों पर तत्काल बैरिकेडिंग के निर्देश

बांध से पानी छोड़े जाने और मूसलाधार बारिश की संभावनाओं से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि पुल-पुलियों या रपटों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में दोनों ओर तुरंत बैरिकेड्स लगाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति बहते पानी को पार करने का जोखिम न उठाए।

राहत शिविर सक्रिय

 गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पताल में भर्ती कराने की पहल किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सामुदायिक भवनों को राहत शिविर के रूप में तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहां शुद्ध पेयजल, भोजन, प्रकाश और प्राथमिक चिकित्सा की मुकम्मल व्यवस्था रहेगी। स्वास्थ्य अमले को दवाओं के पर्याप्त स्टॉक और डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है। विशेष रूप से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की उन गर्भवती महिलाओं को, जिनका प्रसव समय निकट है, समय रहते सुरक्षित रूप से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराने की व्यवस्था की जा रही है।

बिजली फॉल्ट सुधारने आपात दस्ते तैनाती के आदेश

तूफान से पेड़ गिरने और बिजली के पोल-तार टूटने से ब्लैकआउट न हो, इसके लिए विद्युत विभाग को प्रमुख फीडरों और ट्रांसफार्मरों की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। ब्रेकडाउन होते ही तत्काल आपूर्ति बहाल करने के लिए फील्ड में आपातकालीन टीमों को तैनात कर दिया गया है।

सावधानी ही सुरक्षा:

 प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें। तेज हवा और आकाशीय बिजली चमकने के वक्त ऊंचे पेड़ों, जर्जर दीवारों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी कंट्रोल रूम या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें।