दिब्येन्दु मृधा संपादक डीएम इंडिया न्यूज़

(रांची-कोलकाता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2027 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए विचारार्थ उचित पहल किए जाने की मांग उठी है। रांची/कोलकाता निवासी मित्रजीत चौधरी ने 13 सितंबर को केंद्रीय विदेश मंत्री को अभ्यावेदन भेजकर इस संबंध में लागू नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत संभावनाओं पर विचार करने का अनुरोध किया है।

अभ्यावेदन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, मानवीय सहायता, वैश्विक सहयोग और सतत विकास से जुड़ी विभिन्न पहलों का उल्लेख किया गया है। इसमें भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की अवधारणा, कोविड-19 महामारी के दौरान ‘वैक्सीन मैत्री’, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और मिशन LiFE जैसी पहलों को प्रमुखता से रखा गया है।

पत्र में 2018 में मिले सियोल शांति पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र के ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ सम्मान का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा 2023 में तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन दोस्त के तहत बचाव एवं चिकित्सा दल भेजने तथा विभिन्न देशों को आपदा और संकट के समय मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

अभ्यावेदन में भारत की Neighbourhood First, Act East और Indo-Pacific संबंधी नीतियों तथा BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहभागिता का भी उल्लेख है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के बीच संवाद और कूटनीति को महत्व देने की भारत की नीति को रेखांकित किया गया है।

चौधरी ने विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया है कि नोबेल शांति पुरस्कार से संबंधित नियमों एवं संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत अभ्यावेदन की समीक्षा कर उचित कार्रवाई की संभावना पर विचार किया जाए। पत्र में इसे भारत की वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा, शांति, सहयोग और मानव कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता से भी जोड़ा गया है।