अब भौगोलिक सीमाओं के बजाय उद्योगों की विशिष्ट सुरक्षा आवश्यकताओं के आधार पर कार्य करेंगे सीआईएसएफ के सेक्टर
विशेष कोल सेक्टर का मुख्यालय रांची में; एसईसीएल बिलासपुर की गेवरा एवं दीपका खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा विशेषीकृत पर्यवेक्षण
भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा
(कोरबा) देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक, आर्थिक एवं रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक तथा प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) द्वारा अपनी प्रशासनिक एवं परिचालन संरचना का ऐतिहासिक पुनर्गठन किया गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की सहमति से किया गया यह महत्वपूर्ण संगठनात्मक परिवर्तन 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा।
नई व्यवस्था के अंतर्गत सीआईएसएफ की क्षेत्रीय संरचना को भौगोलिक आधार से कार्यात्मक (Functional) आधार पर पुनर्गठित किया जा रहा है। इसके तहत समान प्रकृति के महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से संबंधित इकाइयों को समर्पित सेक्टरों के अंतर्गत लाया जाएगा, जिससे विशिष्ट सुरक्षा विशेषज्ञता, एकरूप सुरक्षा मानकों तथा बेहतर परिचालन समन्वय को बढ़ावा मिलेगा।
कोयला उद्योग के लिए अलग कोल सेक्टर, रांची
इस पुनर्गठन के अंतर्गत कोयला उद्योग की सुरक्षा के लिए समर्पित कोल सेक्टर (Coal Sector) स्थापित किया गया है, जिसका मुख्यालय रांची, झारखंड में होगा। पूर्व में सेंट्रल सेक्टर मुख्यालय, भिलाई के अधीन कार्यरत सीआईएसएफ इकाई एसईसीएल बिलासपुर अब कोल सेक्टर मुख्यालय, रांची के अधीन कार्य करेगी। इस सेक्टर का नेतृत्व महानिरीक्षक श्री प्रबोध चंद्रा करेंगे।
कोल सेक्टर के गठन से कोयला खदानों की विशिष्ट सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप विशेषज्ञता विकसित करने, कोयला चोरी एवं अनधिकृत गतिविधियों की रोकथाम, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था को प्रभावी बनाने, आधुनिक निगरानी तकनीकों के उपयोग तथा सुरक्षा संबंधी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने में मदद मिलने की अपेक्षा है।
इसके साथ ही विद्युत, इस्पात, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, बंदरगाहों, सरकारी भवनों, संग्रहालयों, स्मारकों एवं मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की सुरक्षा के लिए भी कार्यात्मक सेक्टर व्यवस्था निर्धारित की गई है।
सीआईएसएफ इकाई एसईसीएल बिलासपुर में विशेष सैनिक सम्मेलन
इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक परिवर्तन के संबंध में 28 अक्टूबर 2026 को सीआईएसएफ इकाई एसईसीएल बिलासपुर के इकाई प्रभारी श्री रघुबीर नरेन, उप महानिरीक्षक के नेतृत्व में विशेष सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में अधिकारियों एवं बल सदस्यों को नई कार्यात्मक सेक्टर व्यवस्था के उद्देश्यों, प्रशासनिक परिवर्तनों तथा अपेक्षित परिचालन लाभों से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर उप महानिरीक्षक ने बताया कि विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियाँ अलग-अलग होती हैं। कोयला खदानों, इस्पात संयंत्रों, विद्युत प्रतिष्ठानों और बंदरगाहों की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप विशेषज्ञता एवं प्रशिक्षण विकसित करने से सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने विशेषीकृत प्रशिक्षण, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) में एकरूपता, मानव संसाधन के बेहतर उपयोग, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और संबंधित प्रतिष्ठान प्रबंधन के साथ निरंतर समन्वय के महत्व पर बल दिया।
सभी अधिकारियों एवं बल सदस्यों को नई व्यवस्था के अनुरूप पूर्ण निष्ठा, अनुशासन, सतर्कता और पेशेवर दक्षता के साथ कर्तव्य निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया।
राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सीआईएसएफ इकाई एसईसीएल बिलासपुर द्वारा एसईसीएल की महत्वपूर्ण गेवरा एवं दीपका कोयला खदानों सहित अधिसूचित प्रतिष्ठानों में सुरक्षा दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है। कोल सेक्टर के अंतर्गत आने से कोयला उद्योग की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं, परिचालन अनुभवों और उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए अधिक केंद्रित दृष्टिकोण विकसित होने की अपेक्षा है।
यह संगठनात्मक पुनर्गठन राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा प्रबंधन को अधिक विशेषज्ञतापूर्ण, मानकीकृत और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुदृढ़ करने के साथ-साथ राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा एवं आर्थिक विकास को भी समर्थन मिलेगा।
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