छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में 30 अगस्त को होगा दीपका में प्रदेश स्तरीय आयोजन

धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा-दीपका) छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के प्रतीक प्रदेश स्तरीय जबर भोजली रैली 2026 को भव्य, अनुशासित एवं ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने को लेकर गुरुवार को दीपका स्थित मातृछाया में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न खड़, गुढ़ी एवं क्षेत्रों से बड़ी संख्या में माता-बहिनी, युवा साथी, पदाधिकारी एवं सेनानी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

बैठक में आगामी 30 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय जबर भोजली रैली की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। रैली में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने, कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं अनुशासित ढंग से संचालित करने तथा विभिन्न व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई।

जिम्मेदारियों का किया गया विभाजन

बैठक का प्रमुख उद्देश्य रैली की तैयारियों को अंतिम रूप देना और सेनानियों के बीच अलग-अलग कार्यों की जिम्मेदारी तय करना रहा। आयोजन स्थल, यातायात एवं अनुशासन, प्रचार-प्रसार, महिला एवं युवा सहभागिता, अतिथियों के स्वागत, रैली संचालन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। सभी सेनानियों ने अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का संकल्प लिया।


बैठक में सुरेंद्र राठौर, सुरजीत सोनी, जैनेन्द्र कुर्रे, सुरेश पटेल, ओम केवट, लाला साहू, राजा राठौर, उमेश चन्द्रा, सूर्यदेव, जयकिशन, राकेश यादव, महावीर यादव, राज प्रजापति, सुरेश दास, रामहरी केवंट, राकेश सूर्यवंशी, पुरुषोत्तम बरेठ, जयकुमार साहू, अवध मरावी, भेषराम साहू, गीता देवी केवंट (वैष्णो देवी मंदिर संरक्षक), शोभा देवी साहू, नीरा साहू, मथुरा दास, रामेश्वरी बरेठ, सरस्वती राठौर, नर्मदा पटेल, कनक लता सहित बड़ी संख्या में साथी उपस्थित रहे।

संस्कृति और एकता का संदेश देगी रैली

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जबर भोजली केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा, सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। प्रदेश स्तरीय रैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने के साथ ही समाज में एकता और जागरूकता का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।


बैठक के अंत में उपस्थित सभी साथियों ने एक सुर में संकल्प लिया कि 30 अगस्त 2026 को आयोजित प्रदेश स्तरीय जबर भोजली रैली को छत्तीसगढ़ के गौरव, संस्कृति एवं एकता का प्रतीक बनाते हुए भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से पूरा सहयोग किया जाएगा। रैली की सफलता के लिए जिलेभर में व्यापक जनसंपर्क एवं तैयारियों को तेज करने पर भी सहमति बनी।