बाबा का वेश धारण कर दो साल से छिपकर रह रहा था वारंटी, मतदाता परिचय पत्र से हुई पहचान

चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) ऑपरेशन बाज के तहत बिल्हा पुलिस ने स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में दो स्थायी वारंट तामील किए हैं। इनमें मारपीट के मामले का एक वारंटी पिछले दो वर्षों से बाबा का वेश धारण कर दूसरे गांवों में घूम रहा था और भिक्षा मांगकर जीवनयापन कर रहा था। वेशभूषा बदलने के कारण ग्रामीण भी उसे पहचान नहीं पा रहे थे। पुलिस ने मतदाता परिचय पत्र में दर्ज फोटो के आधार पर उसकी पहचान की।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह तथा नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के मार्गदर्शन में स्थायी वारंटियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मारपीट के मामले में वांछित जगदीश बांधे (50 वर्ष), निवासी देवकिरारी, थाना बिल्हा के संबंध में जानकारी जुटाई गई। ग्राम सरपंच से मतदाता परिचय पत्र की जानकारी प्राप्त कर उसकी पतासाजी की जा रही थी। 17 अक्टूबर 2026 को बिल्हा रेलवे स्टेशन पर बाबा की वेशभूषा में घूम 

रहे व्यक्ति की फोटो से मिलान किया गया, जिससे उसकी पहचान जगदीश बांधे के रूप में हुई। वहीं, आबकारी मामले के स्थायी वारंटी मनोज टण्डन (33 वर्ष), निवासी इंद्रपुरी तिफरा, थाना सिरगिट्टी को भी पुलिस ने तलाश कर पकड़ा।

दोनों स्थायी वारंटियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन बाज के तहत पिछले एक सप्ताह के भीतर बिल्हा पुलिस ने कुल छह स्थायी वारंट तामील किए हैं। आगे भी स्थायी वारंटियों की तलाश और वारंट तामिली का अभियान जारी रहेगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप निरीक्षक आकाश कुमार बंजारे, निरीक्षक तोपसिंह नवरंग तथा आरक्षक क्रमांक 886 प्रताप साहू का विशेष योगदान रहा।