धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा) जिले के सुमेधा पुल पर तेज हवा और बारिश के बीच चार स्ट्रीट लाइट पोल अचानक धराशायी हो जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना के समय पुल पर लोगों और वाहनों की आवाजाही जारी थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई भी व्यक्ति या वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौसम बिगड़ते ही पुल पर स्थापित स्ट्रीट लाइट पोल एक के बाद एक गिर पड़े। खंभों के गिरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए तथा संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी गई।


घटना के बाद नागरिकों ने स्ट्रीट लाइट पोलों की गुणवत्ता और निर्माण कार्य की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सामान्य आंधी और बारिश में ही पोल गिर जाएं तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


स्थानीय नागरिकों ने यह भी आशंका जताई है कि यदि घटना के समय पुल पर अधिक यातायात होता तो जनहानि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता था। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी स्ट्रीट लाइट पोलों और संबंधित निर्माण कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है।


फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा गिरे हुए पोलों को हटाने तथा यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाने का कार्य किया जा रहा है। वहीं, लोगों को सावधानी बरतने और प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।