ग्राम निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम एवं मंगल भवन की घोषणा

मौके पर ही लापरवाह आरआई को दी सख्त चेतावनी

    (गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही) सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शनिवार को मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अलग ही आत्मीय और जनसरोकारों से जुड़ा स्वरूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री आम पेड़ की छांव में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीण परिवेश में आयोजित चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पेयजल, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में सुशासन तिहार अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत गांव-गांव में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका मौके पर निराकरण किया जा रहा है, जबकि शेष मामलों का समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा।

ग्रामीणों की मांग पर की बड़ी घोषणाएं

   चौपाल के दौरान मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपची एवं ग्रामीणों ने जिले में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम निर्माण तथा सर्व समाज के लिए एक बड़े मंगल भवन की मांग रखी। ग्रामीणों की मांग और भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने मौके पर ही नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और सर्वसुविधायुक्त विशाल मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर दी।

बिजली समस्या के समाधान का दिया आश्वासन

   ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने तत्काल बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश देते हुए ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।

शिकायत मिलते ही आरआई को लगाई फटकार

    जनसंवाद के दौरान एक ग्रामीण ने मरवाही के राजस्व निरीक्षक (आरआई) दीप माला त्रिपाठी तथा दानीकुंडी के राजस्व निरीक्षक (आरआई) अभिषेक त्रिपाठी द्वारा कार्यों में लापरवाही बरतने की शिकायत की। शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित आरआई को चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर निराकरण करें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।लखपति दीदियों को दिया करोड़पति बनने का मंत्र

    मुख्यमंत्री ने स्व सहायता समूहों की महिलाओं एवं लखपति दीदियों से मुलाकात कर उनके द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अब उन्हें लखपति से आगे बढ़कर करोड़पति दीदी बनने की दिशा में काम करना चाहिए। इस अवसर पर लखपति दीदियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रत्येक माह एक हजार रुपये की सहायता राशि मिल रही है, जिसका उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं दैनिक कार्यों में कर रही हैं। अन्य महिला समूहों ने भी स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी प्रेरणादायक अनुभव एवं जानकारियां साझा कीं।

महतारी वंदन योजना से मिल रहा लाभ

    मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में बिलासपुर से महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में अंतरित की गई है। इसका लाभ गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की महिलाओं के साथ-साथ ग्राम निमधा की 500 से अधिक महिलाओं को भी मिला है।

18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति का उल्लेख

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई, जिसका लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

जल्द शुरू होगी सीएम हेल्पलाइन

   मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसके संचालन के लिए 24 घंटे कार्यरत लगभग 100 कर्मचारियों की टीम बनाई गई है। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

बिजली बिल समाधान और पीएम सूर्यघर योजना की दी जानकारी

   मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल अधिक आए हैं, उनकी समस्याओं का समाधान विशेष अभियान के माध्यम से किया जाएगा तथा सरचार्ज में भी राहत दी जाएगी। उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाकर उपभोक्ता बिजली खर्च में कमी ला सकते हैं।

आदिवासी संस्कृति और विकास का अनूठा उदाहरण है निमधा

   लगभग तीन हजार की आबादी वाले ग्राम निमधा में आदिवासी समाज की बहुलता है। यह गांव आयुर्वेद ग्राम के रूप में भी विशेष पहचान रखता है। यहां 38 हैंडपंप, 6 आंगनबाड़ी केंद्र और 6 शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं। गांव की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किराना दुकान, मत्स्य पालन तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पहली बार ग्राम निमधा पहुंचे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने और सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने का प्रयास भी है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष उपेन्द्र बहादुर सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, वनमंडला अधिकारी ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।