सदानंद कुमार प्रउहा सह-संपादक डीएम इंडिया न्यूज़

(बेमेतरा)छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 का लागू होना प्रदेश की सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक और स्वागतयोग्य कदम है। यह बात आशीष जैन, प्रदेश सहप्रभारी, भाजपा सोशल मीडिया अल्पसंख्यक मोर्चा, छत्तीसगढ़ ने जारी अपने वक्तव्य में कही।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान करते हुए धर्मांतरण के नाम पर होने वाले छल, प्रलोभन, कपट एवं दबाव जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करेगा। यह कानून प्रत्येक नागरिक की धार्मिक आस्था, संवैधानिक अधिकारों तथा सांस्कृतिक मूल्यों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आशीष जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपराओं एवं सामाजिक सौहार्द को संरक्षित करने हेतु निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 इसी दूरदर्शी सोच और जनभावनाओं के सम्मान का प्रतीक है।

उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एव संपूर्ण छत्तीसगढ़ सरकार को हार्दिक बधाई एवं हृदय से आभार व्यक्त किया।

आशीष जैन ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा हेतु सभी नागरिक इस महत्वपूर्ण कदम का स्वागत करें तथा प्रदेश की एकता एवं समरसता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अपनी सहभागिता निभाएं।

"सभी धर्मों का सम्मान, सामाजिक समरसता का संरक्षण एवं संविधान की भावना के अनुरूप धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा ही एक सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ की पहचान है।"