अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा) एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के अधिग्रहित एवं प्रभावित गांवों के ग्रामीणों और बेरोजगार युवाओं ने रोजगार तथा मजदूरों को नियमानुसार एचपीसी रेट नहीं मिलने के विरोध में आंदोलन की घोषणा की है। इस संबंध में महाप्रबंधक एसईसीएल कुसमुंडा, जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम कटघोरा एवं थाना प्रभारी कुसमुंडा को ज्ञापन सौंपते हुए बताया गया है कि 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को महाप्रबंधक कार्यालय कुसमुंडा के समक्ष गेट जाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

ज्ञापन में कहा गया है कि एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के विस्तार के लिए लगभग 20 गांवों का अधिग्रहण किया जा चुका है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों के हजारों बेरोजगार युवाओं को आउटसोर्सिंग कंपनियों में अपेक्षित रोजगार नहीं मिल रहा है। आरोप है कि स्थानीय भू-विस्थापितों और प्रभावितों की अनदेखी कर अन्य जिलों एवं राज्यों के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियां ड्राइवर, सुपरवाइजर, हेल्पर एवं मजदूरों को निर्धारित एचपीसी रेट से कम भुगतान कर रही हैं। साथ ही श्रमिकों का नाम क्लिप पोर्टल में दर्ज नहीं किया जा रहा तथा नियमानुसार मजदूरी का भुगतान भी नहीं हो रहा है।

आंदोलनकारियों ने मांग की है कि नई आउटसोर्सिंग कंपनी केएनआर (KNR) सहित सभी कंपनियों में क्षेत्र के भू-विस्थापित एवं प्रभावित बेरोजगारों को 100 प्रतिशत प्राथमिकता के साथ रोजगार दिया जाए तथा मजदूरों को नियमानुसार वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 27 जुलाई 2026 को कुसमुंडा खदान बंद कराने का आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन की होगी।