अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा)कोयलांचल क्षेत्र के ठेका श्रमिकों और भू-विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देने के उद्देश्य से 12 जून 2026 को कुसमुंडा स्थित महतरी अंगना में विशाल मजदूर एवं भू-विस्थापित महासभा का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (आरसीडब्ल्यूएफ) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के नेतृत्व में आयोजित इस महासभा में कोयला खदानों के 12 जोनों से हजारों ठेका श्रमिक और भू-विस्थापित शामिल होंगे।

महासभा की तैयारियों को लेकर श्रमिक नेता अशोक पटेल, संतोष चौहान, विनोद सारथी और गोविंदा सारथी लगातार क्षेत्र के गांवों एवं आउटसोर्सिंग कंपनियों में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। वे श्रमिकों और विस्थापित परिवारों से संवाद कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए महासभा में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।

प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे ने कहा कि मजदूरों और भू-विस्थापितों के साथ लंबे समय से हो रहे शोषण के खिलाफ अब निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है। यह महासभा केवल एक बैठक नहीं, बल्कि हक और सम्मान की लड़ाई का बड़ा मंच बनेगी। उन्होंने सभी श्रमिकों और विस्थापितों से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

महासभा में समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, भू-विस्थापितों को रोजगार, उचित मुआवजा एवं बेहतर पुनर्वास सुविधाएं प्रदान करने तथा ठेका श्रमिकों के आर्थिक एवं मानसिक शोषण को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

आयोजन समिति ने क्षेत्र के श्रमिकों, भू-विस्थापित परिवारों और प्रबुद्ध नागरिकों से 12 जून को दोपहर 3 बजे महतरी अंगना, कुसमुंडा पहुंचकर महासभा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की अपील की है।