किसानों को मिल रही तकनीक, वित्त और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर,)सहकारिता विभाग, भारत सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सहकारिता मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में 29 जून से सहकारी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। सप्ताहभर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने, सहकारी समितियों की गतिविधियों का विस्तार करने तथा आमजन एवं कृषकों को विभागीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

सहकारी सप्ताह के प्रथम दिवस जिले की सभी सेवा सहकारी समितियों के मुख्यालयों में समिति के प्राधिकृत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सहकारिता ध्वज का ध्वजारोहण किया गया तथा समिति के बायलॉज का वाचन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समिति सदस्य उपस्थित रहे। द्वितीय दिवस जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित सहकारी गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रत्येक विकासखंड में एफपीओ कार्यक्रम संचालित करने पर सहमति व्यक्त की गई। तृतीय दिवस तखतपुर विकासखंड के सेवा सहकारी समिति मर्यादित पोड़ी में इफको द्वारा ड्रोन के माध्यम से तरल उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को ड्रोन तकनीक एवं तरल उर्वरकों के उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी दी।

इसी दिन जिले की विभिन्न पैक्स समितियों में कृषक संगोष्ठियों का आयोजन कर आधुनिक कृषि तकनीकों एवं सहकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई। चतुर्थ दिवस जिले की मॉडल पैक्स समितियों का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कृषक सदस्यों ने समितियों की कार्यप्रणाली एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं रुपे केसीसी कार्ड वितरित किए गए तथा पैक्स समितियों में संचालित माइक्रो एटीएम सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

सहकारी सप्ताह के अंतर्गत जिले की सभी सेवा सहकारी समितियों में स्वच्छता अभियान चलाया गया तथा समिति परिसरों में वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रमों में समिति के प्राधिकृत अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए। 4 जुलाई को सेवा सहकारी समिति मर्यादित बेलपान, बेलगहना एवं सल्का में संचालित जन औषधि केंद्रों पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा तथा चिकित्सकों द्वारा मौसमी बीमारियों से बचाव एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी प्रदान किए जाएंगे।