धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा) क्षेत्र की वर्षों पुरानी सड़क एवं पुल निर्माण की मांग को लेकर 7 अगस्त 2026 को प्रस्तावित ऐतिहासिक चक्का जाम आंदोलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। आंदोलन को सफल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार रात ग्राम पंचायत देवरी में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया।

बैठक में बताया गया कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने ग्राम बुंदेली के खोलार नदी पर पुल, सरिहा नदी पर पुल तथा देवरी-शुक्लाखार, देवरी-बुंदेली और देवरी-कोरई मार्ग के निर्माण के लिए कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे। जनदबाव के बाद इन कार्यों का सर्वे कराया गया और लगभग 536 लाख रुपये का प्राक्कलन भी तैयार किया गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. महावीर प्रसाद ने कहा कि जर्जर सड़कों के कारण प्रतिदिन हजारों ग्रामीण, किसान, विद्यार्थी, मरीज और व्यापारी जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हैं। बरसात में कई गांवों का संपर्क टूट जाता है, जिससे आमजन को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने शासन की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अब जनता आंदोलन के लिए मजबूर हो गई है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में 7 अगस्त को चांदनी चौक-शुक्लाखार-बांकी मोंगरा-सुतर्रा मुख्य मार्ग पर ऐतिहासिक चक्का जाम किया जाएगा। आंदोलन की रूपरेखा तैयार करते हुए प्रत्येक गांव में जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।

ग्रामीणों ने कहा कि यह किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास, सुरक्षित आवागमन और जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों, किसानों, मजदूरों, युवाओं, माताओं-बहनों एवं सामाजिक संगठनों से 7 अगस्त को बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।