“’सिलाई का काम आता था, योजना से अपने काम को शुरू करने का मौका मिला” - मनीषा’

देवेन्द्र कुमार खूंटे रिपोर्टर रामपुर कोरबा

(कोरबा)अंत्योदय स्वरोजगार योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस सहयोग से अपने हुनर के आधार पर काम शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोगों को घर से ही आय का साधन विकसित करने का अवसर मिल रहा है। कोरबा जिले के रजगामार की मनीषा ने इसी योजना का लाभ लेकर अपने सिलाई के हुनर को स्वरोजगार में बदल लिया है।

मनीषा सिलाई का काम जानती थीं और लंबे समय से घर पर ही सिलाई सेंटर शुरू करना चाहती थीं। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण यह इच्छा पूरी नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान उन्हें अंत्यावसायी विभाग के माध्यम से संचालित अंत्योदय स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली। कार्यालय से योजना की पात्रता, ऋण एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेने के बाद उन्होंने आवेदन किया।

योजना के तहत उन्हें 20 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। साथ ही शासकीय अनुदान के तहत 10 हजार का छूट भी उन्हें प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने सिलाई मशीन लेकर घर पर ही अपना काम शुरू किया। अब वे सिलाई के साथ कढ़ाई और पीको-फॉल का काम भी करती हैं। गांव के लोग नियमित रूप से कपड़े सिलवाने के लिए उनके पास आते हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 से 7 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।

मनीषा अपने अनुभव साझा करते हुए कहती हैं, “मैं पहले से सिलाई का काम जानती थी और अपना सिलाई सेंटर शुरू करना चाहती थी, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण शुरुआत नहीं कर पा रही थी। योजना की जानकारी मिलने के बाद आवेदन किया और ऋण से सिलाई मशीन लेकर काम शुरू किया। अब घर पर ही काम मिल रहा है और हर महीने आमदनी भी हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद मिल रही है।”

घर से शुरू हुए इस काम ने मनीषा को अपनी आय का साधन दिया है। नियमित ग्राहकों के मिलने से उनका काम आगे बढ़ रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले की अपेक्षा सुदृढ़ हो रही है। मनीषा ने स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।