सदानंद कुमार प्रउहा सह-संपादक डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा) पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड क्षेत्र में करीब 30 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लगभग 70 से 80 गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। लंबे समय से बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज और रोजमर्रा की आवश्यक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है।


जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले के छुरी मेन सबस्टेशन से 33 केवी विद्युत आपूर्ति पोड़ी उपरोड़ा, जटगा और कोरबी क्षेत्र को होती है। पोड़ी उपरोड़ा में छुरी से सीधे सप्लाई होने के कारण वहां इसका अधिक प्रभाव नहीं पड़ा। वहीं 25 सितंबर 2026 को शाम करीब 4 बजे जटगा-बिंझरा के बीच जंगल क्षेत्र में 33 केवी विद्युत लाइन पर एक पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से बिजली के दो खंभे गिर गए, जिससे जटगा और कोरबी सबस्टेशन तक विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।

बिजली गुल होने से जनजीवन प्रभावित

लगातार बिजली बंद रहने से ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में रोशनी नहीं होने से शाम और रात के समय सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। मोबाइल फोन चार्ज करने से लेकर बिजली से चलने वाले जरूरी उपकरणों के इस्तेमाल में भी दिक्कत आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पर निर्भर छोटे-छोटे व्यवसाय और अन्य दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

बच्चों की पढ़ाई पर असर

बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। रात के समय बिजली नहीं होने से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। परीक्षा या नियमित पढ़ाई की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के सामने विशेष समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीण परिवारों के लिए लंबे समय तक बिजली का अभाव बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारण बन रहा है।

जल्द बिजली बहाली की मांग

लगभग 30 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण प्रभावित गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों की मांग है कि विद्युत लाइन में आई खराबी को जल्द दूर कर जटगा और कोरबी सबस्टेशन की बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि क्षेत्र के 70 से 80 गांवों में सामान्य जनजीवन वापस पटरी पर आ सके।